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पवन खेड़ा का हमला: “वोट चोर, गद्दी छोड़” – एथनॉल नीति पर उठाए सवाल

2016 से ही प्रधानमंत्री और नितिन गडकरी ये कह रहे थे की कचरा से एथनॉल बनाकर पेट्रोल में डाला जाएगा जिससे पेट्रोल की कीमत 50 रू हो जाएगी लेकिन अब तक देश में 627 करोड़ लीटर एथनॉल बनाया गया जिसमे 1 लीटर भी वेस्ट से नही बना.

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पवन खेड़ा का हमला: “वोट चोर, गद्दी छोड़” – एथनॉल नीति पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पर तीखा हमला बोला है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार की एथनॉल नीति का फायदा सिर्फ़ गडकरी के बेटों को मिल रहा है, जबकि किसानों और आम जनता को कोई लाभ नहीं हो रहा है।

खेड़ा ने कहा कि—

“7 अगस्त से देशभर में एक नारा गूंज रहा है – वोट चोर, गद्दी छोड़। लेकिन असली कहानी यह है कि वोट चोरी तो हो रही है लेकिन मोदी जी अपने भतीजों के ग्रुप के साथ जनता की जेब काट रहे है.

एथनॉल पर निशाना

कांग्रेस नेता ने बताया कि अब तक 627 करोड़ लीटर एथनॉल तैयार हुआ है, जिसमें से 56% गन्ने और अनाज से बना है। जबकि सरकार ने दावा किया था कि एथनॉल कचरे और वेस्ट से बनाया जाएगा। एक भी लीटर एथनॉल वेस्ट से नहीं बना।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि नितिन गडकरी के बेटों निखिल और सारंग गडकरी की अलग-अलग कंपनियाँ हैं, जिन्हें इस नीति का सीधा लाभ मिल रहा है।

• इन कंपनियों का राजस्व 2024 में 18 करोड़ रुपये था, जो इस वित्तीय वर्ष में बढ़कर 583 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

• एथनॉल डिस्टिलरी को रेड कैटेगरी में रखा गया है, यानी यह पर्यावरण के लिए सबसे हानिकारक उद्योग है।

खेड़ा का तंज था कि—

“मोदी जी अपने हर भतीजे को सरकार की नीति में शामिल कर लें, कम से कम तब नीतियां लागू तो होंगी, भले ही जनता को उससे कोई लाभ न मिले।”

किसानों का नुकसान

खेड़ा ने कहा कि किसानों को इस नीति से फायदा नहीं हो रहा है। बल्कि सरकार अनाज सस्ते दामों पर खरीदकर एथनॉल बना रही है, जिससे आम किसान घाटे में है।

GST सुधारों पर भी टिप्पणी

पवन खेड़ा ने GST सुधार और स्लैब्स पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 2016 से दो स्लैब की बात कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे समझने में 9 साल लगा रही है।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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