दो बच्चों के माता-पिता ने पहले लिया तलाक, फिर की शादी, HC ने कहा- विवाह को हल्के में न लें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामूली विवादों के कारण आपसी सहमति से तलाक लेने और बाद में पुनर्विवाह करने वाले एक जोड़े को सुरक्षा प्रदान करते हुए कहा कि विवाह जैसी पवित्र संस्था को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामूली विवादों के चलते आपसी सहमति से तलाक लेने और बाद में अपने बच्चों व परिवार के हित में पुनर्विवाह करने वाले एक जोड़े को सुरक्षा प्रदान की है। याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने तल्ख टिप्पणी की कि विवाह जैसी पवित्र संस्था को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की पीठ ने याचिकाकर्ता रूपा रानी और उनके पति द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

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विवाह जैसी पवित्र संस्था को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए: उच्‍च न्‍यायालयभाषा सं आनन्द खारी

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