Pahalgam terror attack : पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया का समर्थन भारत को मिल रहा है। आतंकवाद के खिलाफ देश भारत के साथ एकजुटता जाहिर कर रहे हैं। अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, इटली, जापान, ऑस्ट्रेलिया सभी ने खुलकर भारत को अपना समर्थन दिया है। अमेरिका, रूस और फ्रांस ने तो एक दम स्पष्ट रूप से कह दिया है कि भारत जिस तरीके से इस हमले से निपटना चाहे, वह निपटे, वे नई दिल्ली की कार्रवाई का पूरी तरह से समर्थन करेंगे। यहां तक कि फिलिस्तीन ने इस आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास ने आतंकी हमले पर गहरा दुख जाहिर करते हुए इसे 'जघन्य अपराध' बताया। अब्बास ने भारत की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए अपना समर्थन दिया।
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकी हमला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में अब्बास ने कहा कि 'पहलगाम में हुए आतंकी हमले की त्रासद खबर हमने देखी है। जम्मू-कश्मीर में हुए इस अपराध में निर्दोष लोगों की जान गई और दर्जनों लोग घायल हुए। इस जघन्य कृत्य की हम कड़े शब्दों में निंदा और भारत की स्थिरता एवं सुरक्षा का हम दृढ़ता से समर्थन करते हैं।'
अमेरिका ने पहलगाम में ‘जघन्य’ आतंकवादी हमला करने के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाए जाने का आह्वान करते हुए कहा कि वह भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘जैसा कि (अमेरिका के) राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप और विदेश मंत्री (मार्को) रुबियो ने भी स्पष्ट किया है, अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है।’ ब्रूस ने कहा, ‘हम लोगों के मारे जाने पर शोक व्यक्त करते हैं और घायलों के स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हम इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाए जाने का आह्वान करते हैं।’
गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने टेलिफोन पर प्रधानमंत्री मोदी से बात की और पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, मैक्रों ने मोदी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि आतंकवादी हमले के दौरान सामने आई बर्बरता पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मोदी से बात की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इशिबा ने मोदी के साथ फोन पर बातचीत में कहा कि आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
जायसवाल ने कहा,‘दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है। लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना चाहिए।’
जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मेलोनी ने भारतीय धरती पर हुए भयावह आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की तथा पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं प्रार्थनाएं व्यक्त कीं। मेलोनी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इटली की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके आह्वान और आतंकवाद तथा इसके पीछे छिपे लोगों के खिलाफ समर्थन के स्पष्ट संदेश की सराहना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जॉर्डन के शाह ने इस ‘भयावह’ आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की तथा निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘कश्मीर से बहुत परेशान करने वाली खबर आई है। आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका मजबूती से खड़ा है।' उन्होंने कहा, ‘हम मारे गए लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और भारत के लोगों के साथ हमारा पूरा समर्थन और गहरी सहानुभूति है। हमारी संवेदनाएं आपके साथ हैं!’
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को भेजे अपने संदेश में संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस ‘क्रूर अपराध’ का कोई औचित्य नहीं है तथा इसके दोषियों को उचित सजा मिलनी चाहिए। पुतिन ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों से लड़ने में भारतीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की रूस की प्रतिबद्धता दोहराई।
इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि वह ‘इस बर्बर आतंकवादी हमले से बहुत दुखी हैं जिसमें दर्जनों निर्दोष लोग मारे गए और घायल हुए हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इजराइल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है।’
