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पाकिस्तान की शत्रुतापूर्ण मंशा जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने में सबसे बड़ी चुनौती- पाक पर बरसे जम्मू CM उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला ने एक इंटरव्यू के दौरान उन विचारों को सिरे से खारिज किया जो मानते हैं कि अनुच्छेद 370 को हटाना जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का समाधान है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई, ने इस तर्क को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है।

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जम्मू कश्मीर सीएम उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो- PTI)

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में हालिया आतंकी हमले और बढ़ते सुरक्षा संकट पर एक गंभीर और स्पष्ट रुख अपनाते हुए पाकिस्तान की नीयत को सीधे तौर पर आतंकवाद की जड़ बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की "शत्रुतापूर्ण मंशा" जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अब भारत किसी भी आतंकी हमले को “युद्ध की कार्रवाई” मानता है।

'पाकिस्तान की मंशा शत्रुतापूर्ण'

अब्दुल्ला ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में इस विमर्श को खारिज किया कि अनुच्छेद 370 को हटाना क्षेत्र में आतंकवाद का समाधान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में हुए हमले ने इस विमर्श को गलत साबित किया है। अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हम चाहे कुछ भी करें, अगर पाकिस्तान की मंशा शत्रुतापूर्ण है, तो हम कभी पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे। मुझे लगता है कि पहलगाम ने यह साबित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह विमर्श प्रसारित करने की बहुत कोशिश की कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अनुच्छेद 370 का नतीजा है। हम जानते हैं कि यह सच नहीं है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पाकिस्तान की मंशा का नतीजा है। इसीलिए अनुच्छेद 370 को हटाने से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद नहीं रुका।’’

पाकिस्तान को दी चेतावनी

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि अब पाकिस्तान को आतंकवाद संबंधी अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने भारत के रुख में आए अहम बदलाव को रेखांकित करते हुए चेतावनी दी कि भारत सरकार ने आक्रामकता पर जवाबी कार्रवाई के लिए ‘‘बहुत सख्त मानदंड’’ तय किए हैं।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान को यह समझाना है कि इस तरह की गतिविधियां हमारे लिए तो नुकसानदायक हैं ही, साथ ही उसके लिए भी घातक हैं। अब भारत सरकार ने सख्त मानदंड तय किया है कि किसी भी हमले को युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा, उसे देखते हुए पाकिस्तान को इस बात पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है कि क्या वह अपने पड़ोस को युद्ध में धकेलना चाहता है।’’

एलजी मनोज सिन्हा पर क्या बोले उमर अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा पहलगाम हमले में ‘‘सुरक्षा और खुफिया विफलता’’ की बात स्वीकार किए जाने को पहला सकारात्मक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा कि यह ‘‘काफी नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘26 लोग मारे गए। 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। चूक कहां हुई? इस पहलगाम की घटना ने दो देशों, दो परमाणु शक्तियों को युद्ध के लिए उकसाया। पहले कदम के तौर पर, यह सराहनीय है कि उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) ने कहा है कि वह जिम्मेदार हैं। लेकिन कमान की श्रृंखला में जवाबदेही तय की जानी चाहिए, क्योंकि अब हम जानते हैं कि यह सुरक्षा और खुफिया चूक थी। अगला कदम जिम्मेदारी तय करना होगा। और फिर सजा मिलनी चाहिए।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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