LPG Crisis: पश्चिम एशिया के संकट पर सर्वदलीय बैठक से पहले विपक्ष के सांसदों ने एलपीजी संकट को लेकर बुधवार को संसद में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए। लोगों को काफी परेशानी हो रही है। राय ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि एलपीजी संकट का समाधान सरकार जल्द करे। शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि 'ट्रंप से ज्यादा जरूरी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां विपक्ष के नेताओं से बात करें।' शिवसेना नेता राउत ने कहा कि ईरान युद्ध पर यहां तक कि पाकिस्तान ने अपना एक रुख लिया है। वह मध्यस्थता करने को तैयार है और अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसका स्वागत किया है।
एलपीजी संकट पर विपक्ष का संसद में प्रदर्शन।
एलपीजी संकट पर झूठ बोल रही भाजपा-प्रमोद तिवारी
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'भाजपा झूठ बोल रही है कि सब कुछ ठीक है। आप कहीं भी जाइए, वहां एलपीजी का संकट बना हुआ है। नवरात्रि एवं ईद के समय लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इसलिए हम संसद परिसर में इसके किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।'
आज शाम होगी सर्वदलीय बैठक
विपक्ष के इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेन्द्र यादव और कई अन्य दलों के सांसद इसमें शामिल हुए। सांसदों ने एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर 'एम्पिटी सिलेंडर, एम्पिटी प्रॉमिसेस' (खाली सिलेंडर, खोखले वादे) लिखा हुआ था। विपक्षी दलों ने 'मोदी जी, एलपीजी' के नारे भी लगाए। विपक्षी दल पश्चिम एशिया संकट और देश में ईंधन की कथित किल्लत को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा किया-पीएम
राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि खाड़ी के देशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा और आजीविका सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है तथा भारत संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में वक्तव्य देते हुए कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। ’’इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है।’’
