केरल में चुनाव होने के बाद नई सरकार ड्रग सिंडीकेट को पूरी तरह तबाह करने में लगी है। इस बाबत वहां 'ऑपरेशन तूफान: द नार्को हंट' की शुरुआत होने जा रही है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को इस राज्यव्यापी मादक पदार्थ विरोधी अभियान की घोषणा की। इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थ गिरोहों पर शिकंजा कसना और राज्य में नशीले पदार्थों के प्रसार पर रोक लगाना है।
ड्रग सिंडीकेट के खिलाफ केरल सरकार का अभियान
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीली दवाओं की बिक्री खत्म करेंगे
चेन्निथला ने यहां पुलिस मुख्यालय में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की पहली उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद इस पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह विशेष अभियान एक जून से शुरू होगा, जो गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के साथ ही आरंभ किया जाएगा। इसका ध्यान विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीली दवाओं के वितरण नेटवर्क को खत्म करने पर केंद्रित होगा।
गृह मंत्री ने स्कूल परिसरों के निकट तंबाकू उत्पादों और मादक पदार्थों की बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ, विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स, केरल में गंभीर खतरे के रूप में उभर रहे हैं और पुलिस आने वाले दिनों में इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सघन अभियान चलाएगी।
चेन्निथला ने कही ये बात
चेन्निथला ने कहा कि मादक पदार्थों की गतिविधियों से जुड़े सभी लोगों को पुलिस निगरानी में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति शृंखलाओं और आदतन अपराधियों को निशाना बनाएगा तथा इसके लिए खुफिया और आंकड़ा आधारित प्रवर्तन उपाय अपनाए जाएंगे। इसमें अन्य राज्यों की पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
इस दौरान मीडिया और आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों और व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस व्यवस्था में सुधार का भी एलान
चेन्निथला ने पुलिस व्यवस्था और थानों में आम लोगों की पहुंच बेहतर बनाने के लिए कई सुधारों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 484 पुलिस थानों को आधुनिक रूप देकर जनहितैषी सार्वजनिक सेवा केंद्रों में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में आने वाले लोगों के साथ शिष्ट व्यवहार किया जाएगा और शिकायतों को निष्पक्षता तथा संवेदनशीलता के साथ सुने जाने की व्यवस्था की जाएगी।
गृह मंत्री ने पुलिस थानों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए तथा कहा कि थानों में लंबे समय से पड़े जब्त और लावारिस वाहनों को हटाने के लिए पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार में भी बदलाव किए जाएंगे, ताकि कार्यकुशलता और जनता के साथ संवाद बेहतर हो सके। चेन्निथला ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे तथा ’जनमैत्री’ (जनहितैषी) पुलिसिंग पहल को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिक प्रभावी उपयोग किया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि व्यापक आधुनिकीकरण प्रयासों के तहत पुलिस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भी संशोधन किया जाएगा।
