Operation Sindoor: पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के भीतर किए गए भारतीय वायुसेना (IAF) के हमलों में महिला लड़ाकू पायलटों ने भी मोर्चा संभाला था।
टाइम्स नाउ के सूत्रों के मुताबिक, महिला पायलटों ने उन लड़ाकू दस्तों का हिस्सा बनकर ऑपरेशन में हिस्सा लिया, जिनमें Su-30MKI और राफेल लड़ाकू विमान शामिल थे।
मुरिदके में महिला पायलट ने संभाली थी कमान
सूत्रों के मुताबिक, एक महिला पायलट उस Su-30MKI दस्ते का हिस्सा थीं जिसने मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मुख्यालय को निशाना बनाया था। इन ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए Su-30MKI लड़ाकू विमान ब्रह्मोस और रैम्पेज मिसाइलों सहित उन्नत एयर-टू-ग्राउंड हथियारों से लैस हैं।
इसके अलावा, महिला लड़ाकू पायलटों ने राफेल लड़ाकू विमानों से जुड़े लड़ाकू दस्ते में भी भूमिका निभाई थी। इन ऑपरेशन में महिला लड़ाकू पायलटों की भागीदारी भारतीय वायुसेना के सबसे अहम सीमा पार सैन्य अभियानों में महिलाओं की बढ़ती परिचालन भूमिका को दर्शाती है।
मुरिदके समेत 9 ठिकानों पर कार्रवाई
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू लॉन्च किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आंतकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय सैन्य कार्रवाई 6 और 7 मई 2025 की दरमियानी रात शुरू हुई और करीब 87 घंटे तक चली।
जिन आंतकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें मुरिदके और बहावलपुर शामिल थे। मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का मुख्यालय स्थित था।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 13,041 करोड़ की 5 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी; बिहार में बनेगा 4-लेन हाईवे
पहलगाम आतंकी हमला
सनद रहे कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। मृतकों में एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत किया।
