MP Politicalal History: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी का सियासी इतिहास बेहद ही रोचक रहा है। यहां अलग-अलग नेताओं ने 32 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, मगर ऐसे सिर्फ 4 हैं जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है। इनमें भारतीय जनता पार्टी के सिर्फ एक और कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों का नाम शामिल है।
इन 4 मुख्यमंत्रियों ने पूरा किया है अपना कार्यकाल।
इन 4 मुख्यमंत्रियों ने पूरा किया है अपना कार्यकाल
मध्य प्रदेश में जिन चार मुख्यमंत्रियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया है, उनमें कैलाश नाथ काटजू, अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल है। इन चारों में से कैलाश नाथ काटजू की सरकार ने एक बार, अर्जुन सिंह की सरकार ने एक बार, दिग्विजय सिंह की सरकार ने दो बार और शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने दो बार 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया है।
कमलनाथ के नसीब में नहीं था खिताब हासिल कर पाना
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर कमलनाथ 1 साल, 3 महीने, 3 दिन रहे। वो कांग्रेस के ऐसे 11वें सीएम थे जिन्होंने अपने 5 सालों का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें ऐसा झटका दिया कि उन्होंने अपनी कुर्सी से हाथ धो दिया। साल 1980 के बाद से मध्य प्रदेश में सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं की लिस्ट में कमलनाथ कमलनाथ 5वें स्थान पर हैं। आपको कांग्रेस के उन 11 मुख्यमंत्रियों के बारे में बताते हैं जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।
कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों का वो 11 कार्यकाल
- कांग्रेस के रविशंकर शुक्ला 60 दिन तक मुख्यमंत्री रहे।
- कांग्रेस के भगवंतराव मंडलोई 21 दिन तक मुख्यमंत्री रहे।
- कांग्रेस के भगवंतराव मंडलोई फिर से एक साल, 201 दिन तक रहे।
- कांग्रेस के श्यामा चरण शुक्ला 2 साल, 308 दिन तक सीएम रहे।
- कांग्रेस के प्रकाश चंद्र सेठी 3 साल, 328 दिन तक मुख्यमंत्री रहे।
- कांग्रेस के श्यामा चरण शुक्ला फिर से एक साल, 128 दिन तक सीएम रहे।
- कांग्रेस के मोतीलाल बोरा 2 साल, 337 दिन तक एमपी के सीएम रहे।
- कांग्रेस के अर्जुन सिंह 344 दिन तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
- कांग्रेस के मोतीलाल बोरा एक बार फिर 318 दिन तक राज्य के सीएम रहे।
- कांग्रेस के श्यामा चरण शुक्ला फिर से 82 दिन तक ही मुख्यमंत्री रहे।
- कांग्रेस के कमलनाथ 1 साल, 93 दिन कर मध्य प्रदेश के सीएम रहे।
