NEET पेपर लीक मामले को लेकर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को केंद्र सरकार ने खारिज किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि पुलिस फायरिंग का आदेश किसी मंत्री का नहीं होता। प्रदर्शन के दौरान फायरिंग या लाठी चार्ज का आदेश केवल मजिस्ट्रेट ही दे सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान कहीं भी फायरिंग नहीं हुई थी,इसलिए ऐसा कोई आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता।
जितेंद्र सिंह और राहुल गांधी।
लोकसभा में बुधवार को हुई चर्चा के दौरान जितेंद्र सिंह ने कहा,'फायरिंग का आदेश केवल मजिस्ट्रेट दे सकता है, कोई मंत्री नहीं। राहुल गांधी को सार्वजनिक जीवन का अनुभव नहीं है।'केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष यह प्रचारित कर रहा है कि सरकार ने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया, जबकि वास्तविकता यह है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कहीं भी फायरिंग नहीं हुई। ऐसे में फायरिंग के आदेश का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने विपक्ष पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का भी आरोप लगाया।
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राहुल गांधी ने अमित शाह पर लगाया था आरोप
जितेंद्र सिंह से पहले लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाया था। गांधी ने कहा कि उन्होंने 20 जुलाई को NEET-UG पेपर लीक के विरोध में निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि,गृह मंत्री को लेकर की गई उनकी टिप्पणी का एक हिस्सा सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।
किरेन रिजिजू ने की माफी की मांग
राहुल गांधी के आरोपों के बाद सदन में भारी हंगामा भी देखने को मिला। सत्ता पक्ष के लोगों ने उनका जमकर विरोध किया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री पर लगाया गया आरोप बेहद गंभीर है और राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। रिजिजू ने कहा, "राहुल गांधी या तो अपने आरोपों को साबित करें या फिर सदन से माफी मांगें। जब तक ऐसा नहीं होगा,बहस आगे नहीं बढ़ सकती।"
क्या है पूरा विवाद?
केंद्र सरकार ने कथित NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा में धांधली और संगठित पेपर लीक गिरोहों पर सख्ती के लिए एंटी-पेपर लीक बिल पेश किया है। दूसरी ओर, विपक्ष 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
