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अब राजा भभूत सिंह के नाम से जाना जाएगा पचमढ़ी अभयारण्य, CM यादव बोले-उनके पर्यावरण प्रेम को समर्पित है यह प्रयास

राजा भभूत सिंह का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राजा भभूत सिंह सन् 1857 में आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तात्या टोपे के मुख्य सहयोगी थे। अपनी छापामार युद्ध नीति के कारण ही भभूत सिंह नर्मदांचल के शिवाजी कहलाते हैं। राजा भभूत सिंह को पकड़ने के लिए ही मद्रास इन्फेंट्री को बुलाना पड़ा था।

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अब राजा भभूत सिंह के नाम से जाना जाएगा पचमढ़ी अभयारण्य।

Pachmarhi Sanctuary : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि पचमढ़ी अभयारण्य को राजा भभूत सिंह पचमढ़ी अभयारण्य के नाम से जाना जाएगा। यह राजा भभूत सिंह के पर्यावरण प्रेम और पचमढ़ी को विदेशी ताकतों से संरक्षित रखने के आजीवन अथक प्रयासों को समर्पित है। अभयारण्य में राजा भभूत सिंह के जीवन, संघर्ष, वीरता और योगदान से संबंधित जानकारी को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, पचमढ़ी में राजभवन में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले, मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भभूत सिंह का आदिवासी समाज पर बहुत अधिक प्रभाव रहा है। उनकी वीरता के किस्से आज भी लोकमानस की चेतना में जीवंत हैं।

नर्मदांचल के शिवाजी कहलाते हैं भभूत सिंह

राजा भभूत सिंह का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राजा भभूत सिंह सन् 1857 में आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तात्या टोपे के मुख्य सहयोगी थे। अपनी छापामार युद्ध नीति के कारण ही भभूत सिंह नर्मदांचल के शिवाजी कहलाते हैं। राजा भभूत सिंह को पकड़ने के लिए ही मद्रास इन्फेंट्री को बुलाना पड़ा था। राजा भभूत सिंह अपनी सेना के साथ 1860 तक लगातार अंग्रेजों से सशस्त्र संघर्ष करते रहे, अंग्रेज पराजित होते रहे। अंग्रेज दो साल के बाद राजा भभूत सिंह को गिरफ्तार कर पाए और अंग्रेजो ने 1860 में उन्हें फांसी दे दी।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस माह जून में अनुसूचित जनजाति आधारित तीन सम्मेलन आयोजित किए जायेगे। डिण्डौरी के बजाग में 7 जून को बैगा सम्मेलन, बिरसा मुण्डा जन्म दिवस पर शहडोल के ब्यौहारी में 9 जून को कोल सम्मेलन और 18 जून को शिवपुरी के कोलारस में सहारिया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन-कल्याणकारी कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में 9 जून से 21 जून तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री को दी बधाई

लोकमाता अहिल्याबाई की 300वीं जन्मशती पर 31 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में 2 लाख महिलाओं के जम्बूरी मैदान, भोपाल में आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने बधाई दी। मंत्रि-परिषद की महिला सदस्यों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर प्रदेश की सभी महिलाओं की तरफ से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माह मई प्रदेश के लिए विकास की सौगात से भरा हुआ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने दतिया और सतना में नवीन एयरपोर्ट तथा इन्दौर में मेट्रो का लोकार्पण किया है। साथ ही 1271 अटल ग्राम सुशासन भवन निर्माण के लिए प्रथम किश्त की राशि जारी की।

जून को उज्जैन में हेल्थ एण्ड वेलनेस समिट का आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 5 जून को उज्जैन में हेल्थ एण्ड वेलनेस समिट का आयोजन किया जा रहा है। समिट में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, अध्यात्म और मानसिक स्वास्थ्य जैसे आयामों को केन्द्र में रखकर निवेश और सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। समिट में प्रमुख आध्यात्मिक संत, आयुष विशेषज्ञ, नीति निर्माता, वेलनेस टूरिज्म ऑपरेटर और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय निवेशक भाग लेंगें। इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस हब के रूप में स्थापित करना तथा उज्जैन को वेलनेस सेक्टर की प्रमुख केंद्रस्थली के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिर्फ नर्मदा जल पर जीवन यापन करने वाले आध्यात्मिक संत दादा गुरु का स्मरण कर नमन किया।

राजा भभूत सिंह पर केंद्रित फिल्म दिखाई गई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ प्रारंभ हुई। बैठक के दौरान मंत्रि-परिषद के सदस्यों को सतपुड़ा अंचल के गौरवशाली अतीत, सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और राजा भभूत सिंह पर केंद्रित फिल्म दिखाई गई। लोक निर्माण मंत्री और नर्मदापुरम के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह और स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रि-परिषद के सदस्यों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और कोरकू समाज का प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। मंत्रि-परिषद की बैठक का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के गान के साथ हुआ।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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