Rajnath Singh : सेना के आधुनिकीकरण एवं रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उपकरणों और हथियारों के महत्व का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारतीय सेना को तेजी से आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों से लैस किया जा रहा है। टाइम्स नेटवर्क के नेशनल डिफेंस कॉन्क्लेव-2026 को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना के आधुनिकीकरण के लिए हमने बहुत बड़े काम किए हैं और बजट का 75% हम स्वदेशी कंपनियों पर खर्च कर रहे हैं।
टाइम्स नेटवर्क के नेशनल डिफेंस कॉन्क्लेव-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
आत्मनिर्भरता के लिए 5 पॉजिटिव इंटिग्रेशन लिस्ट्स-राजनाथ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अपने आप में टेक्नॉजिलक वारफेयर का एक शानदार नमूना थ। 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता भारत के उद्योगों पर विश्वास का प्रमाण है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए, हमारी सेनाओं द्वारा, 5 पॉजिटिव इंटिग्रेशन लिस्ट्स जारी की गई हैं। इनमें शामिल डिफेंस इक्विपमेंट, वेपन सिस्टम और प्लेटफॉर्म की कुल संख्या 509 है। इनका प्रोडक्शन, अब अनिवार्य रूप से भारत की धरती पर किया जा रहा है। एक छठी लिस्ट भी भारतीय सेनाओं ने मिलकर तैयार कर ली है जिसको जल्द ही जारी किया जायेगा।
तकनीकों की खरीद के लिए स्टार्टअप्स को दी मंजूरी
रक्षा मंत्री ने कहा कि साल 2018 में जहां रक्षा क्षेत्र में कुछ दर्जन स्टार्टअप थे, वहीं आज उनकी संख्या दो हजार से अधिक हो चुकी है। सैकड़ों स्टार्टअप्स को रक्षा मंत्रालय द्वारा चैलेंजेज दिए गए हैं, उन्हें आर्थिक सहायता मिली, प्रोटोटाइप बने और अनेक तकनीकों की खरीद के लिए मंजूरी भी दी गई है। आज भारत का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं है। वह भारत की सुरक्षा का टेक्नॉलाजिकल पार्टनर बन चुका है। डीआरडीओ ने भी इस परिवर्तन को नई दिशा दी है।
रक्षा उत्पादन में काम कर रहीं 500 से अधिक कंपनियां
राजनाथ सिंह ने कहा, 'दुनिया के सामने आज 5Dसिक्योरिटी थ्रेट हैं। इनसे हमारा सामना हर क्षण हो रहा है। साथ ही दुनिया के कई देश अस्थिरता का शिकार हो रहे हैं। देशों को अस्थिर करने में दुष्प्रचार का बहुत बड़ा रोल है। रक्षा उत्पादन और हथियारों के निर्यात पर उन्होंने कहा कि भारत भविष्य की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान दे रहा है। इसके लिए ईज ऑफ बिजनेस डुईंग को प्राथमिकता दी जा रही है। रक्षा क्षेत्र उत्पादन में निजी भागीदारी बढ़ी है। भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। देशों को हम स्वदेशी हथियार निर्यात कर रहे हैं। आज 500 से ज्यादा कंपनियां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का काम कर रही हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए निर्धारित बजट का 75 फीसद खर्च भारतीय मैन्युफैक्चर्रस पर हो रहा है।
