Rising Northeast Investors Summit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने EAST का मतलब समझाया और कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकसित होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज जब मैं राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट के इस भव्य मंच पर हूं तो मन में गर्व है, आत्मीयता है, अपनापन है और सबसे बड़ी बात है कि भविष्य को लेकर अपार विश्वास है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: BJP4India)
पीएम मोदी ने कहा कि अभी कुछ ही महीने पहले यहां भारत मंडपम में हमने अष्टलक्ष्मी महोत्सव मनाया था। आज हम यहां नॉर्थ ईस्ट में इन्वेस्टमेंट का उत्सव मना रहे हैं। यहां इतनी बड़ी संख्या में इंडस्ट्री लीडर आए हैं। ये दिखाता है कि नॉर्थ ईस्ट को लेकर सभी में उत्साह है, उमंग है और नए-नए सपनें हैं।
'पूर्वी भारत का विकसित होना बहुत जरुरी'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे डायवर्स नेशन कहा जाता है। हमारा नॉर्थ ईस्ट इस डायवर्स नेशन का सबसे डायवर्स हिस्सा है। व्यापार से लेकर परंपरा तक, टेक्सटाइल से लेकर पर्यटन तक पूर्वोत्तर की विविधता उसकी बहुत बड़ी ताकत है।उन्होंने कहा, ''विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकसित होना बहुत जरूरी है। नॉर्थ ईस्ट पूर्वी भारत का सबसे अहम अंग है। हमारे लिए ईस्ट का मतलब है - इम्पॉवर, एक्ट, स्ट्रेंथ और ट्रांसफॉर्म। पूर्वी भारत के लिए यही हमारी सरकार की नीति है।''
'700 से ज्यादा बार नॉर्थ ईस्ट गए केंद्र के मंत्री'
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में जो परिवर्तन नॉर्थ ईस्ट में आया है, वो केवल आंकड़ों की बात नहीं है। वो जमीन पर महसूस होने वाला बदलाव है। हमने नॉर्थ ईस्ट के साथ केवल योजनाओं के माध्यम से रिश्ता नहीं जोड़ा, हमने दिल से रिश्ता बनाया है। 700 से ज्यादा बार हमारे केंद्र सरकार के मंत्री नॉर्थ ईस्ट गए हैं। उन्होंने उस मिट्टी को महसूस किया, लोगों की आंखों में उम्मीद देखी और उस भरोसे को विकास की नीति में बदला।
उन्होंने कहा कि हमने इंफ्रास्ट्रक्चर को सिर्फ ईंट और सीमेंट से नहीं देखा, हमने उसे भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम बनाया है। हम लुक ईस्ट से आगे बढ़कर एक्ट ईस्ट के मंत्र पर चले। एक समय था, जब नॉर्थ ईस्ट को सिर्फ सीमांत क्षेत्र कहा जाता था। आज ये ग्रोथ का फ्रंट रनर बन रहा है।
