सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बरसे निशिकांत दुबे, बोले- जुकरबर्ग माफी मांगें, नहीं तो हटाएंगे सेफ हार्बर सिक्योरिटी

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि मेटा इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक वीडियो कंटेंट हटाया था। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मेटा इंडिया की ओर से इस तरह की कार्रवाई हुई हो। उन्होंने कहा कि मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग को स्वयं माफी मांगनी चाहिए।

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कंटेंट को हटाए जाने और चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) जैसे मुद्दों को लेकर मेटा इंडिया, एक्स और यूट्यूब पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आज संसद परिसर में हुई समिति की बैठक के बाद निशिकांत दुबे ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी देश को होनी चाहिए।

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निशिकांत दुबे (File Image)

राजनीतिक दलों से ज्यादा गैर-पंजीकृत समूहों की पहुंच का दावा

निशिकांत दुबे ने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों की संयुक्त व्यूअरशिप करीब 2.3 से 2.4 करोड़ है, जबकि ऐसे लोग या संगठन जो न तो पंजीकृत राजनीतिक दल हैं और न ही पंजीकृत एनजीओ, उनकी एल्गोरिदमिक पहुंच करीब 2.7 करोड़ तक है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में पांच-छह दिन पहले गठित एक एंटी-रिजर्वेशन फोरम की पहुंच भी करीब 70 लाख तक पहुंच गई। उनके मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की नीति नए अकाउंट या नए लोगों को प्राथमिकता देने की है, जिसका असर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श पर पड़ रहा है।

पीएम मोदी का कंटेंट हटाने पर मेटा से जवाब मांगा

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि मेटा इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक वीडियो कंटेंट हटाया था। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मेटा इंडिया की ओर से इस तरह की कार्रवाई हुई हो। निशिकांत दुबे ने मार्क जुकरबर्ग के उस बयान का भी जिक्र किया, जो उन्होंने जनवरी में 2024 के चुनावों को लेकर दिया था और जिसके बाद जुकरबर्ग की ओर से माफी मांगी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं देश की राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की ओर इशारा करती हैं।

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