Neet Paper Leak: NEET पेपर लीक मामले की जांच के बीच अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार RCC कोचिंग के प्रमुख शिवराज मोटेगांवकर (Shivraj Motegaonkar) का हाथ से लिखा हुआ एक कथित 'गेस पेपर' (Guess paper) अब जांच का बड़ा हिस्सा बन गया है।
NEET Paper Leak: असली परीक्षा से पहले RCC कोचिंग में कराया गया मॉक टेस्ट, शिवराज का गेस पेपर आया सामने
बताया जा रहा है कि शिवराज मोटेगांवकर ने 27 अप्रैल को अपने कोचिंग संस्थान में छात्रों का एक मॉक टेस्ट कराया था। अब दावा किया जा रहा है कि उस टेस्ट में पूछे गए कई सवाल 3 मई को हुई असली NEET परीक्षा में भी दिखाई दिए। इसी को लेकर CBI की जांच तेज हुई और लंबी पूछताछ के बाद शिवराज को गिरफ्तार किया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गेस पेपर महज संयोग था या फिर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक किसी तरह की पहुंच बनाई गई थी। सामने आए वीडियो में कथित तौर पर वही हस्तलिखित सवाल दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें अब जांच अधिकारी असली परीक्षा के प्रश्नों से मिलाकर देख रहे हैं।
आरोपी को परीक्षा से 10 दिन पहले मिला पेपर?
CBI ने अदालत में बताया कि आरोपी को परीक्षा से करीब 10 दिन पहले प्रश्नों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मिलने का शक है। इसी आधार पर मामले में कई डिजिटल डिवाइस, नोट्स और रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
CBI ने आरोप लगाया कि मोटेगांवकर संगठित नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था, जो परीक्षा से पहले NEET-UG 2026 के प्रश्न पत्र लीक करने और उन्हें फैलाने में शामिल था। एजेंसी ने बताया कि उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े सरकारी कर्मचारियों और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लीक हुए प्रश्न पत्र और उत्तर हासिल करने की साजिश रची, कई लोगों को उनकी हाथ से लिखी हुई प्रतियां उपलब्ध कराईं और बाद में सबूत नष्ट कर दिए।
इस खुलासे के बाद एक बार फिर कोचिंग नेटवर्क और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर छात्र और अभिभावक इसे गठित परीक्षा लीक प्रणाली 'Organized Exam Leak System' बता रहे हैं। वहीं जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
