NEET PDF viral: NEET पेपर लीक मामले में राजस्थान SOG की जांच लगातार गहराती जा रही है। अब तक करीब डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। सोमवार को SOG ने इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड मनीष को जयपुर से हिरासत में लिया। जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक के बाद सवालों को एडिट कर एक 'क्वेश्चन बैंक' तैयार किया गया था, ताकि सीधे लीक का शक न हो।
NEET पेपर लीक मामले में एक्शन तेज, राजस्थान SOG ने 18 लोगों को उठाया, मास्टरमाईड मनीष जयपुर से हिरासत में
राकेश मंडावरिया भी अहम किरदार
सूत्रों के मुताबिक, सीकर के एक कंसल्टेंसी सेंटर से जुड़े राकेश मंडावरिया को भी हिरासत में लिया गया है। SOG की शुरुआती जांच में वह इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अप्रैल महीने में ही उसके पास कथित प्रश्न बैंक पहुंच गया था।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे चूरू के एक छात्र को सीकर से प्रश्नों की PDF भेजी गई थी। SOG अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर केरल से किन-किन राज्यों में पहुंचा और इसके बदले कितनी रकम का लेनदेन हुआ।
Private Mafia WhatsApp ग्रुप
इस बीच जांच में 'Private Mafia' नाम का एक WhatsApp ग्रुप भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस ग्रुप में करीब 400 सदस्य जुड़े हुए थे। ग्रुप के कैप्शन में लिखा था कि इसे केवल लीक एग्जाम पेपर अपलोड करने के लिए बनाया गया है और सवालों को ग्रुप के बाहर फॉरवर्ड नहीं किया जाए।
SOG को मिले कई मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड्स से भी अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि कथित लीक प्रश्न पत्र के कई सवाल परीक्षा में हूबहू आए। शुरुआती जांच में केमिस्ट्री के करीब 120 सवाल बिना किसी बदलाव के मैच होने की बात कही जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, बायोलॉजी और फिजिक्स से जुड़े सवालों की भी जांच जारी है।
जांच एजेंसियां अब कॉल लॉग, चैट हिस्ट्री और पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं। SOG का कहना है कि मामले के हर एंगल पर गहनता से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
