Manipur News: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया। भाजपा की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष ए. शरद देवी ने यह जानकारी दी। अशांत मणिपुर में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। देवी ने बताया कि सिंह के नेतृत्व में NDA की एक टीम ने लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
मणिपुर में वाई खेमचंद ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
राज्यपाल भल्ला के समक्ष पेश किया सरकार बनाने का दावा
राज्यपाल भल्ला से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचंदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा, हमने अपने नव निर्वाचित विधायक दल के नेता और भाजपा पर्यवेक्षक तरुण चुघ की मौजूदगी में राज्यपाल से मुलाकात की। राजग ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।
खेमचंद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, नई दिल्ली से आने के बाद आज लोक भवन में माननीय राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला जी के समक्ष नई सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ जी और भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक श्री संबित पात्रा जी की गरिमामय उपस्थिति में यह घोषणा की गई।
खेमचंद को चुना गया था भाजपा विधायक दल नेता
यह घटनाक्रम मणिपुर में भाजपा विधायक दल द्वारा नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक में 62 वर्षीय सिंह को अपना नेता चुने जाने के एक दिन बाद सामने आया है। बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35, पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
इसके बाद, राष्ट्रीय राजधानी में मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें मणिपुर में एनडीए के घटक दलों के विधायक - राष्ट्रीय जन पार्टी (एनपीपी) के छह, नागा जन मोर्चे (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय - और भाजपा विधायक उपस्थित थे। उन्होंने सिंह को नेता और कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले नेमचा किपगेन को एनडीए विधायक दल के उपनेता के रूप में समर्थन दिया।
सिंह ने कहा, शपथ ग्रहण समारोह शीघ्र ही संपन्न होगा। मुझे विश्वास है कि नए मंत्रिपरिषद के गठन के साथ ही शांति और विकास नई सरकार के मार्गदर्शक सिद्धांत बनेंगे। विकसित भारत और विकसित मणिपुर के दृष्टिकोण की ओर राजनीतिक यात्रा चुनौतियों से भरी है, लेकिन हमारी प्राथमिकताएं इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहेंगी। मुझ पर दिखाए गए विश्वास, जिम्मेदारी और सम्मान के लिए मैं सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।
3 मई, 2023 से मणिपुर में जातीय हिंसा देखी जा रही है, जब पहाड़ी जिलों में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला गया था।
