NCP Split: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में फूट के बाद अब इस पार्टी पर दावे को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। एकनाथ शिंदे एवं देवेंद्र फड़णवीस की महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम की शपथ लेने वाले अजित पवार सहित नौ विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की अर्जी दायर हो गई है। शरद पवार गुट ने यह अर्जी विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर को भेजी है। इस बीच शरद पवार वाली एनसीपी में एक और राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। अजित पवार के पार्टी छोड़ने के बाद एनसीपी ने जितेंद्र आव्हाड को मुख्य सचेतक नियुक्त किया है।
अजित पवार ने एनसीपी पर अपना दावा किया है।
NCP ने चुनाव आयोग को भी लिखा पत्र
इस बारे में जानकारी देते हुए एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा कि 'विधानसभा के स्पीकर के समक्ष हमने अयोग्यता की अर्जी दायर की है। हम जल्द ही इस अर्जी की प्रतियां जमा करेंगे। अयोग्यता की यह अर्जी नौ नेताओं के खिलाफ दायर की गई है।' उन्होंने आगे कहा कि बागी नेताओं ने यह नहीं बताया कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं जो कि एनसीपी के खिलाफ है। हमने चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
अजित का दावा-सभी विधायक उनके साथ
एनसीपी नेता ने कहा कि हमें विश्वास है कि ज्यादातर विधायक एनसीपी में लौट आएंगे और हम उन्हें दोबारा पार्टी में स्वीकार करेंगे। बता दें कि रविवार को अजित पवार ने चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। उनके साथ आठ अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद का शपथ ग्रहण किया। अजित पवार ने कहा कि सभी विधायक उनके साथ हैं और वह पार्टी के रूप में शिव सेना-भाजपा की सरकार में शामिल हुए हैं।
रविवार को अजित पवार ने ली डिप्टी सीएम पद की शपथ
महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को भी एक ई-मेल भेजा गया है, जिसमें बताया गया है कि राकांपा के नेता और कार्यकर्ता पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ हैं। शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित पार्टी को रविवार दोपहर उस समय विभाजन का सामना करना पड़ा, जब उनके भतीजे अजित पवार उपमुख्यमंत्री के रूप में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए।
