मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस पर बोले CJI सूर्यकांत, मानवाधिकारों की रक्षा में आयोग की भूमिका अहम

CJI Surya Kant: सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल उल्लंघन पहचानना नहीं है, बल्कि जवाबदेही तय करना, पीड़ितों को राहत देना और भविष्य के उल्लंघनों को रोकना भी आवश्यक है।

CJI Surya Kant: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल उल्लंघन की पहचान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके लिए जवाबदेही तय करना, प्रभावित लोगों को उचित राहत देना और भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए जरूरी बदलाव करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग संविधान की ओर से किए गए वादों का एक महत्वपूर्ण संरक्षक है।

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सीजेआई सूर्यकांत

सीजेआई आज विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस समारोह और ‘जल-जीवन का अमृत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

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