मुजफ्फरनगर दंगों (Muzaffarnagar Riots) से जुड़े एक मामले में भाजपा के विधायक विक्रम सैनी को दोषी पाया गया है। एक विशेष अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई है। विधायक के साथ-साथ इस मामले में 11 और लोगों को सजा सुनाई गई है। हालांकि बाद में इन दोषियों को जमानत भी मिल गई।
कवाल कांड में भाजपा विधायक विक्रम सैनी को दो साल की सजा
इन आरोपों के तहत सजा
इस मामले में 12वें आरोपी को एक साल कैद की सजा सुनाई गई है। सरकारी वकील ने कहा कि सभी 12 को जमानत जमा पर बेल दे दी गई। सैनी खतौली से भाजपा विधायक हैं। उनके वकील भरतवीर अहलावत ने कहा कि फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाएगी। सरकारी वकील नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सैनी सहित 11 लोगों को- दंगा भड़काने, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने, दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने, लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने- समेत अन्य संबंधित आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया है।
सजा के साथ ही मिल गई जमानत
सरकारी वकील के अनुसार 12वें आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया है। इस मामले में सजा सुनाने के बाद अदालत ने विक्रम सैनी सहित सभी 12 आरोपियों को जमानत भी दे दी। इन आरोपियों को 25-25 हजार रुपये की दो जमानत राशि जमा करने के बाद रिहा कर दिया गया।
क्या था मामला
मामला उस कवाल कांड (Kawal Kand) का था, जिससे मुजफ्फरनगर दंगे शुरू हुए थे। इसी कवाल कांड को मुजफ्फरनगर दंगों की जड़ माना जाता है। घटना 28 अगस्त 2013 की है, जब मुजफ्फरनगर के कवाल कस्बे में शाहनवाज, सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कहा कि शाहनवाज की हत्या के मुख्य आरोपी सचिन और गौरव की ग्रामीणों ने हत्या कर दी। इन हत्याओं ने मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में सांप्रदायिक दंगे भड़का दिए थे।
