Mumbai News: मुंबई के वर्ली इलाके में पिछले महीने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं से भिड़ने का वीडियो सामने आने के बाद चर्चा में आई एक महिला ने शनिवार को कहा कि सभी दल जनता की उपेक्षा करने के दोषी हैं। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के उद्देश्य से लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के विरोध में 21 अप्रैल को भाजपा द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान टीना चौधरी ने महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश महाजन की जमकर आलोचना की थी।
किसी ने मेरी बात नहीं सुनी: ट्रैफिक जाम को लेकर BJP मंत्री के सामने आवाज उठाने वाली महिला बोलीं- एक गिरीश महाजन ही थे...
चौधरी ने कहा था, 'यहां से चले जाओ। तुम लोग यातायात जाम कर रहे हो।' साथ ही उन्होंने पूछा था कि रैली पास के खुले मैदान में क्यों नहीं आयोजित की जा सकती। उनका यह वीडियो वायरल हो गया था।
शनिवार को एक वीडियो बयान में, चौधरी ने दावा किया कि उन्हें ऐसे संदेश मिले हैं जिनमें लोग चाहते हैं कि 21 अप्रैल जैसी स्थिति में वे उनकी आवाज बनें। चौधरी ने बयान में कहा, 'मैंने बहुत सारे संदेश पढ़े हैं जिनमें लोग चाहते हैं कि मैं ऐसी स्थिति में उनकी आवाज बनूं। क्यों? मुझे आपकी आवाज बनने की क्या जरूरत है? आप खुद अपनी आवाज उठाइये।'
उन्होंने कहा, 'मैं यहां एक बहुत महत्वपूर्ण बात कहना चाहती हूं। कृपया मेरी बातों का इस्तेमाल किसी पर निशाना साधने या ताना मारने के लिए न करें। क्योंकि सभी राजनीतिक दल एक ही अपराध के दोषी हैं, यानी जनता की घोर उपेक्षा करने का।'
उस दिन क्या हुआ था?
टीना चौधरी ने इस घटना का विस्तृत ब्योरा जारी किया है। उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने से पहले, एक घंटे से भी ज्यादा समय तक उनकी बात को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने कहा, 'नमस्ते, मुझे यकीन है कि आप में से कई लोगों ने उस महिला को देखा होगा। वह लड़की मैं ही हूं। मेरा नाम टीना चौधरी है और मैं आपको यह संदेश कुछ बातें स्पष्ट करने के लिए भेज रही हूं।' 21 अप्रैल की घटना बताते हुए उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी को उसकी म्यूजिक क्लास के बाद लेने गई थीं। 'उस दिन, मैंने अपनी बेटी को 4 बजे उसकी म्यूजिक क्लास के लिए छोड़ा था। मुझे उसे 4.45 बजे लेने जाना था।' लेकिन भयंकर जाम लगा था।
‘कोई प्रतिक्रिया नहीं, कोई जवाब नहीं’
चौधरी ने बताया कि उन्होंने कई पुलिसकर्मियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। 'अगले डेढ़ घंटे तक, मैं हर एक पुलिस अधिकारी के पास गई, लेकिन मुझे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, कोई जवाब नहीं मिला। किसी ने मेरी बात नहीं सुनी।'
वीडियो के एक अहम पल के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'पुलिस का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए मैंने वह बोतल जमीन पर फेंक दी।'
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह काफी इंतजार के बाद हुई। 'तब तक शाम के 6.15 बज चुके थे। मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि मैं अपने बच्चे तक कब पहुंच पाऊंगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'दरअसल, उस रैली में महाजन ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने कम से कम यह सुनने की कोशिश की कि मैं क्या कह रही थी। उनके निर्देशों पर, दोनों बसों को हटाया गया और हम मुख्य सड़क पर पहुंच पाए।'
