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मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना में ऐतिहासिक कदम, भारत की सबसे बड़ी TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ है। भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने विक्रोली शाफ्ट से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की ओर 16 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग की खुदाई शुरू कर दी है। 3,100 टन वजनी और 13.6 मीटर व्यास वाले कटरहेड से लैस यह अत्याधुनिक मशीन घनी आबादी वाले इलाकों के नीचे सुरक्षित तरीके से सुरंग बनाएगी।

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मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना में ऐतिहासिक कदम, भारत की सबसे बड़ी TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने शनिवार को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। परियोजना के तहत भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने मुंबई के विक्रोली शाफ्ट से निर्माणाधीन मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन (बीकेसी) की दिशा में सुरंग बनाने का काम शुरू कर दिया। यह पहली टीबीएम है, जिसे परियोजना के भूमिगत हिस्से के निर्माण के लिए लॉन्च किया गया है।

परियोजना के 21 किलोमीटर लंबे भूमिगत सेक्शन में से 16 किलोमीटर लंबी सुरंग सावली (घंसोली) और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के बीच टनल बोरिंग मशीन से बनाई जाएगी। वहीं, शेष 5 किलोमीटर सुरंग का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के जरिए पहले ही पूरा किया जा चुका है।

विक्रोली से लॉन्च की गई यह टीबीएम करीब 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग तैयार करेगी, जिसमें बुलेट ट्रेन के अप और डाउन दोनों ट्रैक होंगे। यह सुरंग बहुमंजिला इमारतों, प्रमुख सड़कों, मीठी नदी और अन्य महत्वपूर्ण शहरी ढांचों के नीचे से होकर गुजरेगी।

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टीबीएम करीब 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग तैयार करेगी।

3,100 टन वजनी टीबीएम, 13.6 मीटर का विशाल कटरहेड

यह मशीन भारत में रेल सुरंग निर्माण के लिए इस्तेमाल की जा रही अब तक की सबसे बड़ी मशीनों में से एक है। इसका कटरहेड 13.6 मीटर व्यास का है, जो लगभग चार मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है। मशीन का वजन करीब 3,100 टन है, जो लगभग 500 एशियाई हाथियों के वजन के बराबर माना जाता है। इसकी कुल लंबाई 96 मीटर है, जो लगभग एक फुटबॉल मैदान की लंबाई के बराबर है। टीबीएम में कटर व्हील, मेन बियरिंग, जॉ क्रशर, इरेक्टर, मेन शील्ड, टेल शील्ड और चार विशेष गैन्ट्री जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इसका कटर व्हील 4 रिवॉल्यूशन प्रति मिनट (RPM) की गति से घूमता है।

मिक्सशील्ड तकनीक से होगी सुरक्षित टनलिंग

परियोजना में मिक्सशील्ड टीबीएम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो मिश्रित भूभाग और अधिक भूजल दबाव वाली परिस्थितियों में बड़े व्यास की सुरंग बनाने के लिए सबसे उन्नत तकनीकों में मानी जाती है। इस तकनीक में दबावयुक्त बेंटोनाइट स्लरी का उपयोग कर खुदाई के दौरान सुरंग के अग्रभाग को स्थिर रखा जाता है। इससे जमीन धंसने का खतरा कम होता है और घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में सतह पर किसी तरह का व्यवधान न्यूनतम रहता है। यही वजह है कि मुंबई के भूमिगत सेक्शन के लिए इस तकनीक का चयन किया गया है।

खुदाई और टनल लाइनिंग का काम साथ-साथ

इस टीबीएम की एक बड़ी विशेषता यह है कि यह सुरंग की खुदाई और कंक्रीट सेगमेंट रिंग लगाने का काम एक साथ करती है। इससे निर्माण कार्य अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल बनता है तथा परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिलती है।

टीबीएम को लॉन्च करने के लिए विक्रोली में जमीन के नीचे 56 मीटर गहरा शाफ्ट बनाया गया है, जिसकी गहराई लगभग 20 मंजिला इमारत के बराबर है। यहां वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, स्लरी ट्रीटमेंट प्लांट, बेंटोनाइट स्टोरेज टैंक, समर्पित पावर सबस्टेशन, बैकअप जनरेटर, रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट, स्लरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य अत्याधुनिक लॉजिस्टिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं।

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टीबीएम को लॉन्च करने के लिए विक्रोली में जमीन के नीचे 56 मीटर गहरा शाफ्ट बनाया गया।

सुरक्षा के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम

टनल निर्माण के दौरान आसपास की इमारतों और अन्य संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इसके तहत सरफेस सेटलमेंट पॉइंट, ऑप्टिकल डिस्प्लेसमेंट सेंसर, टिल्ट मीटर, 3D टारगेट, स्ट्रेन गेज और सीस्मोग्राफ जैसे आधुनिक उपकरणों से लगातार निगरानी की जाएगी।

महापे में तैयार हो रहे 77 हजार कंक्रीट सेगमेंट

परियोजना के लिए ठाणे जिले के महापे में 11.17 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष कास्टिंग यार्ड बनाया गया है, जहां 16 किलोमीटर लंबे टीबीएम सेक्शन के लिए टनल लाइनिंग सेगमेंट तैयार किए जा रहे हैं। यहां कुल 77 हजार कंक्रीट सेगमेंट ढाले जाएंगे, जिनसे 7,700 टनल रिंग बनाई जाएंगी। प्रत्येक रिंग में नौ घुमावदार सेगमेंट और एक की-सेगमेंट होगा तथा एक रिंग का वजन लगभग 100 टन होगा।

पूरी तरह वॉटरप्रूफ होगी सुरंग

टीबीएम से बनाई जा रही पूरी सुरंग को पूरी तरह वॉटरप्रूफ संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है। पानी के रिसाव को रोकने के लिए डबल-लेयर ईपीडीएम (EPDM) गैस्केट और हाइड्रोफिलिक सील का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सुरंग की मजबूती, सुरक्षा और लंबी अवधि तक टिकाऊपन सुनिश्चित किया जा सके। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में इस अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन की शुरुआत को भूमिगत निर्माण कार्य का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इससे परियोजना की गति और तेज होगी तथा देश के पहले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी।

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भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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