सजा से राहत तक राहुल गांधीः मोदी सरनेम केस में कब क्या हुआ? जानिए पूरी टाइमलाइन

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Aug 4, 2023, 06:52 PM IST

Modi Surname Remark Case: दरअसल, गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा में मोदी उपनाम को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के सिलसिले में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। राहुल ने सभा में टिप्पणी की थी कि “सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे हो सकता है?”

Modi Surname Remark Case: मोदी सरनेम केस में कांग्रेस के पूर्व चीफ राहुल गांधी को शुक्रवार (चार अगस्त, 2023) को राहत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने कथित विवादित टिप्पणी को लेकर साल 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि केस गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी और उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल कर दी। कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि बयान ठीक नहीं था और सार्वजनिक जीवन में भाषण देते समय एक व्यक्ति से सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है। आइए, जानते हैं कि इस केस की पूरी टाइमलाइन:

Rahul Gandhi Modi Surname Case

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

  • 13 अप्रैल, 2019 : कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कहा था, ‘‘नीरव मोदी हो, ललित मोदी हो या नरेन्द्र मोदी, सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं?’’
  • 15 अप्रैल, 2019 : सूरत से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पुर्णेश मोदी ने इस टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का फौजदारी मुकदमा दर्ज कराया।
  • सात जुलाई, 2019 : मानहानि मामले में राहुल गांधी पहली बार सूरत की मेट्रोपॉलिटन अदालत में पेश हुए।
  • 23 मार्च, 2023 : सूरत मेट्रोपॉलिटन अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि का दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई।
  • 24 मार्च, 2023 - अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने और दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद राहुल गांधी को संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।
  • दो अप्रैल, 2023 : राहुल गांधी ने मेट्रोपॉलिटन अदालत के फैसले को सूरत की सत्र अदालत में चुनौती दी। यह मामला और दोष सिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध अभी अदालत में लंबित है।
  • 20 अप्रैल, 2023 : सूरत की सत्र अदालत ने राहुल गांधी को जमानत दी, लेकिन दोष सिद्धि पर रोक लगाने से इंकार किया।
  • 25 अप्रैल, 2023 : राहुल गांधी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की।
  • सात जुलाई, 2023 : गुजरात उच्च न्यायालय ने दोष सिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी।
  • 15 जुलाई, 2023 : राहुल गांधी ने गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी, दलील दी कि अगर इस पर स्थगन नहीं लगाया गया तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर करारा प्रहार होगा।
  • 21 जुलाई, 2023 : उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुजरात के मंत्री पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, लेकिन उनकी दोष सिद्धि पर स्थगन लगाने से इंकार किया।
  • चार अगस्त, 2023 : उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी की दोष सिद्धि पर रोक लगायी जिससे उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाली का रास्ता साफ हो गया।

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