Modi Government Highway Project: देश में ट्रैवल स्पीड को दोगुना करने के लिए मोदी सरकार ने एक धाकड़ प्लान तैयार किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की योजना के अनुसार वित्तीय वर्ष 2031-32 तक 15 हजार किलोमीटर के हाईस्पीड नेशनल हाईवे के साथ लगभग 41 हजार किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार और निर्माण किया जाएगा। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में करीब 19.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
हाईवे डेवलपमेंट के लिए प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत पहले चरण में परियोजनाओं के लिए 2028-29 तक बोली लगाई जानी है, जिसके 2031-32 में पूरा होने का अनुमान है। अगर इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो देश में ट्रैवल स्पीड दोगुनी हो जाएगी। बता दें, फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर औसत स्पीड 47 किलोमीटर प्रति घंटा है।
85 किमी/घंटा तक पहुंचेगी ट्रैवल स्पीड
मोदी सरकार की योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नेटवर्क पर औसत यात्रा गति को मौजूदा 47 किमी प्रति घंटे से लगभग दोगुना कर 85 किमी/घंटा किए जाने की तैयारी है। वहीं अन्य देशों को देखें तो अमेरिका में हाईवे पर औसत यात्रा गति 100 किमी/घंटा और चीन में 90 किमी/घंटा तक है। सरकार की परिकल्पना के मुताबिक, ट्रैवल स्पीड में वृद्धि रसद लागत को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर सकल घरेलू उत्पाद के 9-10 प्रतिशत तक लाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगी।
देश के किसी भी कोने से पहुंचने का प्लान तैयार
सूत्रों के मुताबिक, भारत के किसी भी हिस्से से 100-150 किमी के भीतर नेशनल हाईवे पर पहुंचने का प्लान पहले ही तैयार किया जा चुका है। इसके लिए विशिष्ट हाई-स्पीड कॉरिडोर की पहचान की गई है। इस योजना का उद्देश्य शहरों और शहरी क्षेत्रों में और उसके आसपास राजमार्गों पर भीड़भाड़ को कम करना भी है। इसके लिए लगभग 50,000 किलोमीटर हाई-स्पीड कॉरिडोर की आवश्यकता होगी। वर्तमान में, देश में केवल 3,900 किलोमीटर हाई-स्पीड कॉरिडोर चालू हैं, 2026-27 तक यह आंकड़ा लगभग 11,000 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा।
