Shehzad Poonawalla- भारतीय जनता पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने वाले शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने मीडिया इंटरैक्शन के वीडियो और कई आक्रामक पोस्ट साझा किए हैं। पूनावाला ने मीडिया से हुई बातचीत का एक वीडियो संकलन साझा किया और कहा कि वे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के प्रति हमेशा आभारी रहेंगे, जिन्होंने भारत को राहुल गांधी जैसा नेता दिया। उन्होंने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित करने का श्रेय दिया।
शहजाद पूनावाला का नया अंदाज
राजीव गांधी को लेकर तंज
शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हमेशा आभारी रहेंगे जिन्होंने देश को राहुल गांधी दिया। उन्होंने तंज कसते हुए 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत का श्रेय राहुल गांधी को दिया और कहा कि राजीव गांधी उनकी तरह ही मोदी जी के सबसे बड़े समर्थक थे।
'नो फिल्टर' चेतावनी
एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए पूनावाला ने राहुल गांधी को चेतावनी दी और कहा, "अब कोई फिल्टर नहीं - @RahulGandhi तैयार रहें।" उन्होंने याद किया कि बीजेपी में रहते हुए उन्हें विपक्षी नेताओं के खिलाफ भी हमेशा संयम और शालीनता से बात करने की सलाह दी जाती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिए गए 'दिमागी नक्सल' वाले संदर्भ पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनावाला ने कहा कि इस वर्ग को 'दिमागी नक्सल' कहना गलत है, बल्कि इन्हें 'बददिमागी' नक्सल कहा जाना चाहिए। अपने एक अन्य हालिया पोस्ट में पूनावाला ने तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि राहुल गांधी एक 'पप्पू' थे, राहुल गांधी एक 'पप्पू' हैं और राहुल गांधी हमेशा 'पप्पू' ही रहेंगे।
पूनावाला का BJP से इस्तीफा
शहजाद पूनावाला ने सोमवार को घोषणा की थी कि उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र भी X पर साझा किया, जिसमें बताया गया कि उन्होंने 30 जुलाई को 'वित्तीय और व्यक्तिगत परिस्थितियों' का हवाला देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से बिना शर्त इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
पूनावाला ने स्पष्ट किया कि वह अब संगठनात्मक जिम्मेदारियों से दूर रहकर अपनी राजनीतिक यात्रा पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया था कि पार्टी नेतृत्व ने उनके इस्तीफे को तुरंत स्वीकार करने के बजाय उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था, जिससे वे काफी भावुक हुए थे।
