मिजोरम का नया ट्रैक, भारत की सुरक्षा को नई दिशा,अब सरहदें भी होंगी और मजबूत

मिजोरम की राजधानी आइजोल तक रेल लाइन का पहुँचना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नई बनी 51 किलोमीटर लंबी रेल लाइन अब आइजोल को शेष भारत से जोड़ती है जिससे भारत की सुरक्षा को नई दिशा मिलने के साथ अब सरहदें भी मजबूत होंगी।

नई दिल्ली: पूर्वोत्तर भारत के आखिरी छोर तक बिछती रेलवे की पटरियां अब केवल विकास की नहीं, बल्कि भारत की सामरिक शक्ति और सुरक्षा रणनीति की भी पहचान बन रही हैं। मिजोरम की राजधानी आइजोल तक रेल लाइन का पहुँचना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है , न सिर्फ स्थानीय लोगों की यात्रा और जीवन में बदलाव के लिहाज से, बल्कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के नए क्षितिज खोलने के लिहाज से भी।

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नई बनी 51 किलोमीटर लंबी रेल लाइन अब आइजोल को शेष भारत से जोड़ती है। (फोटो - भारतीय रेलवे)

मिजोरम एक ऐसा राज्य है जो म्यांमार और बांग्लादेश, दो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा है। इस कारणवश यह इलाका हमेशा से सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील रहा है। यहां अवैध घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी और रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में रेल संपर्क का मजबूत होना, न सिर्फ निगरानी और नियंत्रण को सशक्त बनाएगा, बल्कि सेना और सुरक्षा बलों की लॉजिस्टिक क्षमताओं को भी एक नई धार देगा।

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