V Prabhakaran : लिबरेशन टाइगर्स तमिल ईलम तमिल का प्रमुख वी प्रभाकरन के जिंदा होने का दावा किया गया है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रभाकरन जिंदा है और वह जल्द सामने आएगा। रिपोर्टों में वर्ल्ड कनफेडरनेशन ऑफ तमिल्स के अध्यक्ष पी नेदुमारन के हवाले से कहा गया है कि लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन जिंदा हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक है। वह जल्द ही सामने आएंगे और वह इलम तमिल्स के बेहतरी के लिए एक योजना पेश करेंगे।
लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन के जिंदा होने का दावा।
राजपक्षे के शासनकाल में दबा दिया गया था विद्रोह
तंजावुर के मुल्लीवैक्कल मेमोरियल में मीडिया से बात करते हुए नेदुमारन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालत एवं सिंहली लोगों के ताकतवर विद्रोह ने प्रभाकरन के सामने आने का उपयुक्त माहौल बनाया है। उन्होंने कहा कि सिंहली लोगों का विद्रोह जो कि राजपक्षे के शासनकाल में दबा दिया गया था, वह अब रंग ला रहा है। नेदुमारन ने कहा कि प्रभाकरन के बारे में अब तक जो अटकलें एवं संदेह जताए गए थे, उनकी इस घोषणा के बाद ऐसी सभी बातों पर विराम लग जाएगा।Pleased to announce the truth about our Tamil national leader Prabhakaran. He's fine.I'm very happy to announce thi… t.co/hbd6L4tGJz
— ANI (@ANI) Feb 13, 2023
प्रभाकरन के साथ एकजुटता दिखाने की अपील
उन्होंने दुनिया भर के तमिल एवं इलम तमिल लोगों को एकजुट रहने और प्रभाकरन को अपना पूरा समर्थन देने की अपील की है। नेदुमारन ने तमिलनाडु सरकार, अन्य दलों एवं राज्य के लोगों को प्रभाकरने के साथ एकजुटता दिखाने की भी अपील की है।2009 में श्रीलंका ने प्रभाकरन को मृत घोषित किया
श्रीलंका के उत्तर और पूर्व प्रांत में एक स्वतंत्र तमिल राज्य बनाने के लिए हिंसक अभियान चलाने वाले प्रभाकरन को श्रीलंका सरकार ने 18 मई 2009 को मृत घोषित कर दिया। हिंसक एवं अलगाववादी आंदोलन चलाने पर दुनिया के 32 देशों ने लिट्टे को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। प्रभाकरन उस समय मारे गए जब देश के उत्तरी भाग में श्रीलंकाई सैनिक उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। अगले दिन उनका शव श्रीलंकाई मीडिया पर दिखाया गया था। दो हफ्ते बाद डीएनए परीक्षण प्रभाकरन और उनके पुत्र एंथनी चार्ल्स की मौत होने की भी पुष्टि हुई।
