भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के कराची में हुई हालिया घटना को लेकर भारत पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से "बेबुनियाद" और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्लामाबाद को कड़ी नसीहत दी है कि वह अपनी पुरानी आदतों से बाज आए।
कराची मामले में पाक के आरोपों को भारत ने किया सिरे से खारिज (फाइल फोटो | ANI)
भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और कानून-व्यवस्था की बदहाली को छुपाने के लिए हमेशा की तरह भारत की तरफ उंगली उठाने की कोशिश कर रहा है, जिसे भारत सिरे से खारिज करता है।
"आतंकवाद को सरकारी नीति का हथियार बनाना बंद करे पाकिस्तान"
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमने हाल ही में कराची में हुई घटना को लेकर भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने वाली पाकिस्तानी रिपोर्टें देखी हैं। हम उन्हें स्पष्ट और कड़े शब्दों में खारिज करते हैं। दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय, पाकिस्तान के लिए यह बेहतर होगा कि वह अपने अंदर झांके। वह अपनी धरती पर मौजूद आतंकवादी बुनियादी ढांचे (टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर) के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करे और राज्य की नीति के एक उपकरण के रूप में आतंकवाद पर भरोसा करने की अपनी पुरानी प्रवृत्ति से खुद को मुक्त करे।
भारतीय विदेश मंत्रालय का मानना है कि जब भी पाकिस्तान के भीतर कोई हिंसक वारदात या आंतरिक सुरक्षा में चूक होती है, तो वहां का प्रशासन और एजेंसियां बिना किसी जांच-पड़ताल के भारत पर दोष मढ़ने की कोशिश करती हैं।
क्य हुआ है कराची में
दरअसल पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में शनिवार रात एक भीषण आतंकी हमला हुआ। हमलावरों ने पाकिस्तान रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय को निशाना बनाते और विस्फोटकों से भरी गाड़ी से कंपाउंड में घुसकर धमाका कर दिया। जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच करीब 90 मिनट तक गोलीबारी चली। इस हमले में कम से कम 4 सुरक्षाकर्मी मारे गए। जवाबी कार्रवाई में 6 आतंकवादी ढेर कर दिए गए, जबकि एक को जिंदा पकड़ने का दावा किया गया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े जमात-उल-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
