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'गुंडागर्दी ही उनका एकमात्र उद्देश्य है...' हिंदी-मराठी विवाद के बीच राज ठाकरे पर फिर भड़के निशिकांत दुबे

Hindi-Marathi Controversy: निशिकांत दुबे ने मंगलवार को हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच राज्य में मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा और बर्बरता की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा। निशिकांत दुबे ने कहा कि जब राज ठाकरे को जनता का समर्थन नहीं मिलता है तो वह गुंडों को आगे कर देते हैं, मतलब गुंडागर्दी ही उनका एकमात्र उद्देश्य है।

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राज ठाकरे पर फिर भड़के निशिकांत दुबे

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Marathi-Hindi Row: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच राज्य में मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा और बर्बरता की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा। विकीलीक्स में उल्लिखित बिहार के एक छात्र पर मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा की 2207 की घटना को साझा करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि गुंडागर्दी राज ठाकरे का एकमात्र उद्देश्य है, जिसे मनसे प्रमुख नगर निगम चुनाव हारने के डर से करते हैं।

मेरा विरोध ठाकरे की गुंडागर्दी के प्रति है : निशिकांत दुबे

एक्स पर एक पोस्ट में निशिकांत दुबे ने कहा कि जब राज ठाकरे को जनता का समर्थन नहीं मिलता है तो वह गुंडों को आगे कर देते हैं, मतलब गुंडागर्दी ही उनका एकमात्र उद्देश्य है, जो वह मुंबई महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले हार के डर से करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा विरोध ठाकरे की गुंडागर्दी के प्रति है और सहनशीलता की सीमाएं समाप्त हो चुकी हैं। निशिकांत दुबे जिन्होंने पहले अपनी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया था ने मराठा समुदाय के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। दुबे ने कहा कि मराठा समाज हमेशा सम्मानीय है और यह देश हम सबका है। जहां मैं सांसद हूं, वहां से मराठा मधुलिमये जी लगातार तीन बार सांसद रहे हैं। हमने इंदिरा गांधी के खिलाफ एक मराठा को लोकसभा में जिताया था। ठाकरे होश में आओ, अपनी लड़ाई को मराठा समाज के बारे में मत बनाओ, हमने मुंबई के विकास में योगदान दिया है और आगे भी देते रहेंगे। पुलिस ने शनिवार को बताया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पांच कार्यकर्ताओं को वर्ली में उद्यमी सुशील केडिया के कार्यालय में तोड़फोड़ के सिलसिले में गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223, 189(2), 189(3), 190, 191(2), 191(3) और 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दुबे मराठी पहचान के प्रति रखते है घृणा: आदित्य ठाकरे

इस बीच, दुबे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। राज ठाकरे द्वारा अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिए गए विवादास्पद निर्देश, पीटो लेकिन वीडियो मत बनाओ पर दुबे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर आप हिंदी बोलने वालों को पीटने की हिम्मत रखते हैं, तो उर्दू, तमिल और तेलुगु बोलने वालों को भी पीटें। अगर आप इतने बॉस हैं, तो महाराष्ट्र से बाहर आ जाइए- बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में आ जाइए। 'तुमको पटक पटक के मारेंगे। शिवसेना (यूबीटी) के आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि दुबे मराठी पहचान के प्रति स्पष्ट घृणा रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि निशिकांत दुबे हिंदी भाषी प्रवक्ता नहीं हैं। मराठी के प्रति उनके मन में घृणा साफ झलकती है। उनके पास बिहार की जिम्मेदारी है। चुनाव जीतना और तोड़ना, यह आम बात है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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