'दिल्ली में भी कमल खिल गया, अब बंगाल की बारी', लोकसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यों का परिणाम है कि आज दिल्ली में भी कमल खिल गया और यहां भी आयुष्मान भारत योजना आ गई। जानिए शाह ने लोकसभा में क्या-क्या कहा।

Amit Shah in Lok Sabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक ऐसा क्षेत्र है, जो देश में एक प्रकार से हर परिवार को छूता है। हर गांव में कोई न कोई ऐसी इकाई है, जो सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास, ग्रामीण विकास और स्वरोजगार के काम में जुटी हुई है और देश के विकास में योगदान करती है। इस विधेयक के पारित होने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, स्वरोजगार और छोटी उद्यमिता का विकास होगा, और सामाजिक समावेशन बढ़ेगा।

Amit shah

लोकसभा में अमित शाह

आज दिल्ली में भी कमल खिल गया...

गृह मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यों का परिणाम है कि आज दिल्ली में भी कमल खिल गया और यहां भी आयुष्मान भारत योजना आ गई। देश के हर गरीब को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक खर्च की चिंता नहीं करनी है। अब बंगाल बचा है, चुनाव के बाद वहां भी कमल खिलेगा और आयुष्मान भारत आ जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड को एक राष्ट्रीय कोऑपरेटिव संस्था बनाया है। इनके माध्यम से देश के किसानों का उत्पाद विदेशों में निर्यात करने का काम चल रहा है। अब तक 12 लाख टन सामग्री दुनिया के विभिन्न बाजारों में बेचकर इसका मुनाफा सीधा किसानों के पास पहुंचाया गया है।

End of Feed
Latest News

ARG vs ENG, 2nd Semi-Final, FIFA World Cup 2026: इंग्लैंड के खिलाफ 85वें मिनट में धमाकेदार वापसी करके अर्जेंटीना ने की फाइनल में एंट्री, स्पेन से होगी खिताबी भिड़ंत

फ्रांसिस्को डी मिरांडा से मारिया मचाडो तक: आखिर क्यों 250 साल से लैटिन अमेरिका के मामलों में दखल देता रहा है अमेरिका?

फीफा विश्व कप 2026 सेमीफाइनल में हार के बाद फ्रांस में छाई निराशा, पेरिस में पुलिस और प्रशंसकों के बीच हुई झड़प

FIH हॉकी विश्व कप 2026: तैयारियों अंतिम रूप देने के लिए भारतीय टीमें कस रही हैं कमर,एक महीने से भी कम बचा है वक्त

मॉनसून बेरुख : कहीं धरती प्यासी, कहीं भारी वर्षा से उफनाईं नदियां, उत्तर में उमस का सितम; रथ यात्रा पर बादलों का साया!