चीनी विदेश मंत्री से हुई जयशंकर की आमने-सामने मुलाकातः LAC विवाद पर होने वाली 18वें दौर की मीटिंग पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

  • Authored by: शिवानी शर्मा
  • Updated Mar 2, 2023, 06:10 PM IST

दरअसल, अब भी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कई ऐसे फ्रिक्शन पॉइंट है जहां भारत और चीन की सेना आमने सामने है।

भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने आज दिल्ली में G20 के मंच पर मुलाकात की। इस मौके पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री किन गैंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। इस बातचीत मेें G20 के एजेंडे पर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात मे भारत ने एक बार फिर LAC विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने पर ज़ोर दिया। हाल ही में भारत और चीन के बीच वर्किंग मेकैनिज्म की बैठक हुई थी, जिसमे तय हुआ कि सीमा पर विवाद सुलझाने के लिए जल्द ही 18वें दौर की कमांडर लेवल बातचीत होगी। दिल्ली में विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत का असर इस बैठक पर भी दिखाई दे सकता है।

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चीन के विदेश मंत्री किन गैंग के साथ भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर।

तवांग झड़प के बाद दूसरी कमांडर लेवल वार्ता

तवांग में हुई झड़प के बाद होने वाली ये दूसरी कमांडर लेवल बातचीत होगी। भारत और चीन के बीच 20 दिसंबर को 17वें दौर की कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। किन गैंग की भारत यात्रा LAC विवाद के बाद किसी बड़े चीनी मंत्री की दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले पूर्व चीनी विदेश मंत्री वांग Yi पिछले साल भारत आए थे।

इन लोकेशंस से हो चुका है डिसइन्गेजमेंट

पिछले साल भारत और चीन के बीच 16वें दौर की वार्ता के बाद पेट्रोलिंग पॉइंट 15 से डिसएंगेजमेंट को पूरा कर लिया गया था। हॉट स्प्रिंग और गोगरा के पास यह वह फ्रिक्शन पॉइंट था जहां पर चीन ने कई टेंपरेरी स्ट्रक्चर बनाए थे, साथ ही कई बार वह यहां रूटीन पेट्रोलिंग के बहाने भारतीय सीमा में अपना वर्चस्व दिखाने की कोशिश करता था। इस के बाद सेना के सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि डिसएंगेजमेंट तय शेड्यूल के हिसाब से पूरा कर लिया गया है। अब भी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कई ऐसे फ्रिक्शन पॉइंट है जहां भारत और चीन की सेना आमने सामने है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की टुकड़ियों के गलवान घाटी में घुसने के दो साल बाद, पूर्वी लद्दाख में 1597 किलोमीटर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कई बिंदु ऐसे हैं जहां अब भी भारत और चीन की सेना आमने सामने है। यह दूरी कई बार इतनी कम हो जाती है एक और संघर्ष की स्थिति की आशंका बन जाती है।

किन जगहों पर अब भी है गतिरोध?

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर मौजूद कोंगका ला पर अभी चीन की सेना एलएसी के बेहद नजदीक है यहां अब तक डिसएंगेजमेंट नहीं हो सका है। देपसांग प्लेन पर भी पेट्रोलिंग को लेकर विवाद बना हुआ है, भारत ने कई बार चीन को इस विवाद को सुलझाने के लिए पीछे हटने को कहा है लेकिन अब तक चीन डिस्इंगेजमेंट के लिए तैयार नहीं हुआ है। तीसरी जगह जहां अब भी तनाव बरकरार है वह है डैमचौक का इलाका। डैमचौक में भी पीएलए और भारतीय सेना लगभग आमने-सामने है और यहां भी कई बार स्थिति बेहद संवेदनशील हो जाती हैं। इन इलाकों के अलावा पूर्वी लद्दाख में चीन अपनी अलग क्लेम लाइन का दावा करता है इस क्लेम लाइन पर कई ऐसे बिंदु हैं जहां चीन और भारत की सेना बेहद नजदीक हैं, यहां भी कई बार डिफरेंस इन परसेप्शन का हवाला देते हुए चीन घुसपैठ की कोशिश करता है और भारतीय सेना उसे नियंत्रित करती है मगर स्थिति कई बार तनावपूर्ण हो जाती है।

18वें दौर की बैठक में ये होगी भारत की कोशिश

18वें दौर की बैठक में भारत एक बार फिर चीन पर इन बिंदुओं से पीछे हटने के लिए कह सकता है और जिन जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट चुकी है वहां पर डीएसकेलेशन यानि जवानों और डेप्लॉयमेंट की संख्या को कम करने पर बातचीत होगी।

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