पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली भाजपा के सुवेंदु अधिकारी में आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। आज शनिवार 9 मई को कोलकाता में उनका शपथग्रहण समारोह हुआ। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए। उनके साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें दिलिप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, निशिथ प्रमाणिक के साथ ही खुदीराम टुडू (Kshudiram Tudu) भी हैं। टुडू उस समय सुर्खियों में आ गए थे, जब उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान बिल्कुल अलग रुख अपनाते हुए सब्जी बेची थी। चलिए जानते हैं कौन हैं खुदीराम टुडू -
खुदीराम टुडू बने पश्चिम बंगाल के मंत्री
खुदीराम ने सिर पर पीले रंग का पारंपरिक गमछा बांधकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। हाल में पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान खुदीराम टुडू ने सड़क पर बैठकर सब्जी बेची थी। प्रचार के इस अनोखे तरीके के चलते वह खूब सुर्खियों में रहे। प्रचार के लिए सड़क पर कद्दू तौलने वाले खुदीराम ने 1 लाख 31 हजार से अधिक वोट हासिल कर चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार को 52 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी है।
रानीबंध से चुनाव जीतकर बने मंत्री
खुदीराम टुडू पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले से आते हैं और वह एक आदिवासी (ST) नेता हैं। सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट में वह जंगलमहल के आदिवासी बहुल चुनाव क्षेत्र रानीबंध का प्रतिनिधत्व करते हैं खुदीराम। उनकी गिनती पश्चिम बंगाल के बड़े आदिवासी नेताओं में होती है। चुनाव में उन्होंने 52 हजार से ज्यादा वोटों से बड़ी जीत दर्ज की।
पद्मा नदी के किनारे बाजार में बेची सब्जी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान खुदीराम टुडू का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था। प्रचार के दौरान वह सब्जी बेचने के लिए सड़क पर बैठ गए। गले में भाजपा का पटका डाले वह कद्दू तौलते हुए दिखे। इस दौरान वह आवाज भी लगा रहे थे, 'दादा, ये एकदम ताजी है, ले लीजिए।' खुदीराम टुडू का वह वायरल वीडियो बख्सीगंज में पद्मा नदी के किनारे लगने वाले बाजार का था।
सब्जी बेचने पर क्या दी सफाई
सब्जी बेचने का वीडियो वायरल होने पर उन्होंने कहा था कि यह उनके लिए नई बात नहीं है। वह किसान परिवार से आते हैं और बचपन में अपने पिता के साथ खेती व बाजार का काम कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी बाजार में सब्जी बेच चुके हैं, इसलिए यह उनके लिए नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, यहां बाजार में एक परिचित को देखकर मुझे बचपन याद आ गया और मैं अपने को रोक नहीं पाया।
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खुदीराम के पास 23 लाख की संपत्ति
55 साल के खुदीराम के चुनावी हलफनामे के अनुसार वह सरकारी स्कूल में टीचर हैं, जबकि उनकी पत्नी आशा वर्कर हैं। उनकी कुल संपत्ति 23 लाख रुपये से ज्यादा और 69 हजार रुपये से अधिक देनदारी है। विद्यासागर यूनिवर्सिटी से उन्होंने साल 1994 में ग्रेजुएशन किया और फिर साल 2000 में बर्धवान यूनिवर्सिटी से B.Ed किया।
