Vande Metro Train: वंदे भारत की सफलता के बाद अब रेलवे वंदे मेट्रो को पटरी पर उतारने की तैयारी कर रही है। रेलवे की मानें तो इसी साल जुलाई से वंदे मेट्रो ट्रेन पटरी पर दौड़ने लगेगी। इसके लिए रेलवे पूरी तैयारी में लगा है। जानकारी के अनुसार 50 वंदे मेट्रो ट्रेन तैयार भी है।
जुलाई से पटरी पर दौड़ने लगेगी वंदे भारत मेट्रो
10 प्वाइंट में जानिए वंदे मेट्रो की हर जानकारी
- वंदे मेट्रो में शहरवासियों की यात्रा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई नई सुविधाएं भी होंगी, भारतीय रेलवे का लक्ष्य इस साल के अंत तक वंदे मेट्रो ट्रेनें शुरू करने का है और जुलाई से ट्रायल रन शुरू हो जाएगा।
- यह कई कॉन्फ़िगरेशन के साथ आएगा जैसे कि चार-कोच, आठ-कोच, 12 कोच, 16 कोच। रेलवे के अनुसार जिन रूटों पर ज्यादा भीड़ होगी उस पर 16 कोच वाली वंदे मेट्रो ट्रेन चलाई जा सकती है।
- रेलवे कम से कम 12 वंदे मेट्रो कोच लॉन्च करने पर विचार कर रहा है
- ये अनारक्षित या सामान्य श्रेणी के यात्रियों के लिए होंगे जो दैनिक यात्रा के लिए ट्रेनों का उपयोग करना पसंद करते हैं।
- वंदे मेट्रो में स्वचालित दरवाजे और आरामदायक सीट के अलावा, इसमें कई ऐसी विशेषताएं होंगी जो वर्तमान में चल रही मेट्रो ट्रेनों में उपलब्ध नहीं हैं।
- वंदे मेट्रो ट्रेनें देश भर के 124 शहरों को जोड़ने वाली 100-250 किलोमीटर की दूरी के बीच चलेंगी।
- अब तक पहचाने गए मार्गों में लखनऊ-कानपुर, आगरा-मथुरा और तिरूपति-चेन्नई समेत अन्य शामिल हैं। परीक्षण के लिए भी रूट का चयन नहीं हुआ है, इसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
- वर्तमान समय में चल रही इंटरसिटी ट्रेनों की तर्ज पर वंदे मेट्रो को रेलवे चलाएगी।
- वंदे मेट्रो ट्रेन की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे होगी और किराया सामान्य होगा।
- वंदे मेट्रो की 50 ट्रेनों को रेलवे ने बनाकर तैयार कर लिया है।
आधुनिकीकरण में जुटा रेलवे
ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक) के आधुनिकीकरण के रोडमैप पर, अधिकारी ने कहा कि रेलवे चालू वित्त वर्ष में 50 पुश-पुल वैरिएंट अमृत भारत ट्रेनें चलाने का लक्ष्य बना रहा है, जो बहुत सस्ती कीमत पर लंबी दूरी के यात्रियों की मांग को पूरा करेगी। ऐसी पहली ट्रेन दिल्ली और अयोध्या के बीच संचालित की गई थी। इन ट्रेनों में आगे और पीछे एक-एक इंजन होता है।
