केरल सरकार ने राज्य में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को इसकी घोषणा की। मंत्री ने बताया कि यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है, जिनमें अन्य राज्यों में ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप के एक विशेष बैच से गंभीर समस्या सामने आई थी। हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ कि संबंधित बैच केरल में वितरित नहीं किया गया था, फिर भी एहतियात के तौर पर बिक्री और वितरण पूरी तरह रोकने का आदेश दिया गया है।
केरल में ‘कोल्ड्रिफ' सिरप की बिक्री पर रोक (AI फोटो- Socio Pulse)
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औषधि निरीक्षकों को मिले सख्त आदेश
राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने आठ प्रमुख वितरकों को तत्काल वितरण रोकने का निर्देश दिया है। मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों को भी ‘कोल्ड्रिफ’ की बिक्री न करने के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने राज्यभर में गहन निरीक्षण शुरू कर दिया है और सिरप के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। साथ ही, अन्य कफ सिरप के नमूनों की भी जांच हो रही है।
बच्चों की सुरक्षा पर जोर
मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चिकित्सकों को दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं लिखना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी डॉक्टर का पर्चा मिल भी जाए, तो मेडिकल स्टोर को दो साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं देनी चाहिए।
मध्य प्रदेश और राजस्थान की घटनाओं के बाद सतर्कता
इस कदम के पीछे हाल ही में सामने आई चिंताजनक घटनाएं भी हैं। मध्य प्रदेश में कथित तौर पर इसी सिरप के सेवन से नौ बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि राजस्थान में दो शिशुओं की मृत्यु की खबरें आई हैं। केरल सरकार का कहना है कि राज्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
