K kavitha on general elections 2024: दिल्ली शराब घोटाला(न्यू एक्साइज पॉलिसी) में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बीआरएस नेता और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता को समन भेजा था। हालांकि उन्होंने शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर भूख हड़ताल का हवाला देते हुए समय की मांग की थी। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें निराश नहीं किया और पूछताछ में शामिल होने के लिए शनिवार का समय दिया है। इन सबके बीच के कविता ने 2010 में महिला आरक्षण बिल पर सोनिया गांधी की अगुवाई का समर्थन करते हुए कांग्रेस से अपील करते हुए कहा कि 2024 में बीजेपी को हराने के लिए आप आगे आएं। कांग्रेस इस सोच से बाहर निकले कि वो सबसे बड़े हैं।
के कविता, बीआरएस नेता
आंकड़ों को भी देखे कांग्रेस
आंकड़ों के जरिए के कविता ने कहा कि देश में चार हजार से अधिक विधायक हैं जिनमें कांग्रेस के विधायकों की संख्या महज 600 के करीब है। सवाल यह है कि आप के पास संख्या बल कहां है। तमिलनाडु में 17 एमएलए और आप सरकार में हिस्सेदार, बिहार में भी आप सरकार में साझेदार, बंगाल में मुश्किल से एक सीट पर कब्जा। सवाल यह नहीं कि आप मेरे ऊपर निशाना साधें। सवाल ये कि हमें एक साथ आना चाहिए। क्यों दूसरे दलों का बोझ बीआरएस पर होना चाहिए। खम्मम में एक रैली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल हमारी मुहिम में शामिल हुए, हम बीजेपी के खिलाफ धारदार लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन कांग्रेस कहां है, आखिर कब वो अपने बड़े होने के अहंकार से बाहर निकल कर सच्चाई का सामना करेंगे।
शुक्रवार को भूख हड़ताल पर के कविता
ईडी से पूछताछ पर उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी से अपील है कि उनसे पूछताछ उनके घर पर ही की जाए। उसके पीछे उन्होंने महिलाओं के मूलभूत अधिकार का हवाला दिया। कानून भी उनका समर्थन करता है और कई तरह के फैसले इस संबंध में पहले से दिए गए हैं। इसलिए उनकी ईडी अधिकारियों से अपील है कि वे घर पर दूसरे आरोपी के साथ आएं। लेकिन जांच एजेंसी ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट से दिशानिर्देश जारी करने की अपील करेंगी कि वो एक औरत से पूछताछ के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग का इस्तेमाल करें।सवाल यह है कि उनके विरोध से पहले ईडी को इतनी जल्दबाजी क्यों है। अगर वो लोग यह सबकुछ सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक हित को पूरा करने के लिए कर रहे हैं तो आप समझ सकते हैं कि आम लोगों खासतौर से महिलाओं को कितना सहना पड़ता होगा।
