कर्नाटक में स्वतंत्रता सेनानी वीडी सावरकर को लेकर सियासी विवाद पनप गया है। सूबे के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सावरकर की तस्वीर बेलगावी में सुवर्ण सौध के विधानसभा हॉल से हटा दी जानी चाहिए।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
शुक्रवार (15 दिसंबर, 2023) को उनके इसी बयान पर भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल का जवाब आया। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर वहां से सावरकर की तस्वीर हटाई गई तो दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर भी हटा दी जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए यतनाल ने बताया कि अगर 10 खड़गे भी ऐसा प्रयास करें, तो भी सावरकर की तस्वीर को हटाना संभव नहीं है। अगर उनकी तस्वीर हटाने का कोई प्रयास किया जा रहा है और नेहरू की तस्वीर लगाई गई है तो हम नेहरू की तस्वीर हटा देंगे।
बकौल बसनगौड़ा, ''हम भी इस बारे में बहुत स्पष्ट हैं। कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी ने सुझाव दिया कि कोई भी तस्वीर नहीं हटाई जानी चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नेहरू और अन्य महान हस्तियों की तस्वीरें लगानी होंगी। किसी भी महान शख्सियत की फोटो हटाने का सवाल ही नहीं उठता।''
वह बोले- अगर वीर सावरकर की फोटो हटा दी जाएगी तो हम नेहरू की फोटो हटा देंगे। कांग्रेस नेता लाखों हिंदुओं का नरसंहार करने वाले टीपू सुल्तान की बात करते हैं। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि टीपू सुल्तान स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, वह एक राजा था। कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि टीपू सुल्तान ने लाखों हिंदुओं की हत्या की और 4,000 हिंदू मंदिरों को नष्ट कर दिया था।
यतनाल के मुताबिक, "आज भी मुख्यमंत्री सिद्दारमैया मैसूरु वाडियार शासकों के योगदान का उल्लेख करते हैं। मंत्री प्रियांक खड़गे मैसूरु हवाई अड्डे का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने की बात करते हैं। उनमें कोई नैतिकता नहीं है।"
