Jharkhand Floor Test: झारखंड में आज चंपई सोरेन सरकार का बहुमत परीक्षण है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले गठबंधन के विधायकों के हैदराबाद से रांची लौटने के साथ ही अब सभी की निगाहें झारखंड विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर हैं। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले चंपई सोरेन विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए जेल से बाहर निकले। जानिए अब तक का अपडेट -
झारखंड में आज बहुमत परीक्षण
चंपई सोरेन ने विश्वासमत जीता, 47 विधायकों का मिला समर्थन
सीएम चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने 47 विधायकों के समर्थन के बाद फ्लोर टेस्ट जीत लिया। विपक्ष में 29 विधायक रहे।सीएम चंपई बोले, गर्व से कहूंगा कि हेमंत सोरेन पार्ट-2 हूं
झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपनी सरकार के बहुमत परीक्षण से पहले राज्य विधानसभा को संबोधित किया। झारखंड के सीएम चंपई सोरेन ने विधानसभा में कहा, आज पूरा देश देख रहा है कि किस तरह से हेमंत सोरेन के साथ अन्याय हो रहा है। आप किसी भी गांव में चले जाएं, हर घर में आपको हेमंत सोरेन की योजनाएं मिलेंगी। मैं गर्व से कहता हूं कि मैं हेमंत सोरेन का पार्ट-2 हूं...।
बहुमत परीक्षण के लिए पूर्व सीएम हेमंत सोरेन विधानसभा पहुंचे
सीएम चंपई सोरेन विधानसभा पहुंचे
हैदराबाद गए विधायक बहुमत परीक्षण के लिए रांची लौट चुके हैं।
बहुमत परीक्षण के लिए बीजेपी विधायक पहुंचे विधानसभा
झारखंड में हमारा गठबंधन बहुमत साबित करेगा : कांग्रेस
कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले सोमवार को उम्मीद जताई कि चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार विश्वास मत हासिल करेगी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि भारतीय जनता पार्टी बिहार में भी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) तथा कांग्रेस को तोड़ने के प्रयास में विफल रहेगी। रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, 28 जनवरी को नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया। 28 जनवरी को ही नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और उन्हें विधानसभा में अपने गठबंधन का बहुमत साबित करने के लिए 12 फ़रवरी तक का समय दिया गया। उन्होंने कहा, 31 जनवरी को हेमंत सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया। दो फरवरी को चंपई सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और उन्हें झारखंड विधानसभा में अपने गठबंधन का बहुमत साबित करने के लिए पांच फ़रवरी तक का समय दिया गया।
क्या है विधानसभा का आंकड़ा
झारखंड विधानसभा में 81 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 41 है। जेएमएम-गठबंधन के पास 48 विधायकों के साथ स्पष्ट बहुमत है। जेएमएम के 29, कांग्रेस के 17, राजद और सीपीआई (एमएल) के एक-एक विधायक हैं। हालांकि, सभी विधायक फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं ले सकते। एनडीए के पास 29 विधायक हैं जिनमें बीजेपी के 26, आजसू के 3 विधायक शामिल हैं। बाकी 3 निर्दलीय और अन्य हैं।
जेएमएम-कांग्रेस विधायकों को भेजा गया हैदराबाद रिजॉर्ट
31 जनवरी को कथित भूमि घोटाले में ईडी ने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपई सोरेन 43 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए राज्यपाल के पास गए थे। इसके बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिला था। जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन के विधायकों को टूट से बचाने के लिए उन्हें विमान से हैदराबाद भेजा गया था। इन्होंने भारी सुरक्षा के बीच लियोनिया रिसॉर्ट में समय बिताया, जहां किसी भी बाहरी व्यक्ति या रिसॉर्ट के अन्य मेहमानों की पहुंच उन तक नहीं थी। गठबंधन सरकार में जूनियर पार्टनर कांग्रेस ने विधायकों के रिजॉर्ट में रहने का खर्च उठाया।
बसंत सोरेन बन सकते हैं मंत्री
आज जब चंपई सोरेन विधानसभा में हेमंत सोरेन से मिलेंगे तो हेमंत के परिवार से कम से कम एक विधायक को कैबिनेट में शामिल करने के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन के मंत्री बनने की संभावना है। 2022 में मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन को विधानसभा में विश्वास मत का सामना करना पड़ा और उन्होंने 48 विधायकों के साथ इसे जीत लिया था।
हेमंत सोरेन की याचिका पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई
वहीं, झामुमो के वरिष्ठ नेता और हेमंत सोरेन के आलोचक लोबिन हेम्ब्रोम ने पूरे घटनाक्रम पर नाखुशी जताई है। लोबिन ने कहा कि ऐसे समय में विधायकों को इतने भव्य रिसॉर्ट में भेजने की कोई जरूरत नहीं है, जब झारखंड के अधिकतर लोग दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, झामुमो नेतृत्व ने कहा कि हेम्ब्रोम शक्ति परीक्षण में गठबंधन सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे। जहां हेमंत सोरेन फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेंगे, वहीं झारखंड हाई कोर्ट ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई नहीं की और हेमंत को हाई कोर्ट जाने को कहा था।
