Pakistan ISI Honeytrap: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के 'हनीट्रैप' नेटवर्क का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जम्मू के सीमावर्ती इलाके मकवाल के रहने वाले 24 वर्षीय युवक कर्ण कुमार को सुरक्षा एजेंसियों ने देश के खिलाफ जासूसी करने के आरोप में शिकंजे में लिया है। फिलहाल, आरोपित का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है, जिससे पूरे जासूसी नेटवर्क के कई बड़े और अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पाकिस्तान के ISI के संपर्क में थे आरोपी कर्ण कुमार
सैन्य ठिकानों की तस्वीरें भेज रहा था आरोपित
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कर्ण कुमार अपने मोबाइल फोन के जरिए भारतीय सैन्य छावनियों, सुरक्षाबलों की आवाजाही और जम्मू के अन्य अति-संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। इन तमाम जानकारियों को वह सीमा पार बैठी पाकिस्तानी महिला एजेंट को भेज रहा था।
डेटा डिलीट कर मिटाए सबूत
जासूसी के इस खेल में चालाकी बरतते हुए आरोपित सबूत मिटाने की पूरी कोशिश कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, कर्ण महिला एजेंट को तस्वीरें और वीडियो भेजने के तुरंत बाद उन्हें अपने मोबाइल से डिलीट कर देता था ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी इस चालाकी को नाकाम करते हुए मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लेकर तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया है। जांच अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से मोबाइल का पूरा डिलीटेड डेटा वापस निकाल लिया जाएगा, जिससे यह साफ हो सकेगा कि अब तक कितनी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के साथ साझा की जा चुकी हैं।
कैसे बुना गया हनीट्रैप का जाल?
सतवारी थाना क्षेत्र का रहने वाला यह बेरोजगार युवक कुछ समय पहले सोशल मीडिया (इंटरनेट मीडिया) के जरिए एक अनजान युवती के संपर्क में आया था। पाकिस्तानी महिला एजेंट ने बेहद शातिराना तरीके से जाल बुना। महिला एजेंट ने खुद को दिल्ली की एक निवासी बताया और दावा किया कि वह एक नामी अंतरराष्ट्रीय कंपनी में काम करती है। कर्ण कुमार बेरोजगार था, जिसका फायदा उठाते हुए उसे मोटी रकम और अच्छी नौकरी का लालच दिया गया। महिला एजेंट ने कर्ण से कहा कि यदि वह कुछ विशेष और चिन्हित स्थानों की तस्वीरें और वीडियो उसे उपलब्ध करवाएगा, तो वह अपनी कंपनी में उसकी परमानेंट नौकरी लगवा देगी। इस झांसे में आकर युवक देश की सुरक्षा से समझौता कर बैठा।
