'युद्ध अब सरहदों तक सीमित नहीं', पुणे में रक्षा बदलाव पर हाई-लेवल मंथन; CDS जनरल अनिल चौहान ने क्या-क्या कहा?

पुणे स्थित सदर्न कमांड में आयोजित दो दिवसीय ‘जय से विजय’ सेमिनार 2026 में इंटीग्रेटेड वॉरफेयर को लेकर स्पष्ट रणनीति सामने रखी गई। बदलते युद्ध परिदृश्य में साइबर, स्पेस, ड्रोन और एआई जैसी तकनीकों को निर्णायक बताया गया। धीरज सेठ ने कहा कि नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस और क्रॉस-डोमेन इंटीग्रेशन ही आधुनिक युद्ध की जरूरत है। वहीं, अनिल चौहान ने आत्मनिर्भरता और संस्थागत सुधारों को भविष्य की सैन्य तैयारी का आधार बताया है।

बदलते युद्ध परिदृश्य में जहां साइबर स्पेस, ड्रोन स्वॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस एसेट्स नई रणनीतिक वास्तविकता बन चुके हैं, वहीं भारतीय सशस्त्र बल ने इंटीग्रेटेड वॉरफेयर की दिशा में ठोस पहल की है। सदर्न कमांड, पुणे में आयोजित दो दिवसीय ‘जय से विजय’ सेमिनार 2026 में भविष्य की युद्ध रणनीति को लेकर स्पष्ट रोडमैप सामने रखा गया।

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पुणे में आयोजित दो दिवसीय ‘जय से विजय’ सेमिनार 2026 में भविष्य में युद्ध को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

सेमिनार में प्रधानमंत्री के ‘JAI मंत्र’ , आत्मनिर्भरता और नवाचार को रणनीतिक फ्रेमवर्क के रूप में प्रस्तुत किया गया। सैन्य नेतृत्व, रक्षा वैज्ञानिकों, इंडस्ट्री प्रतिनिधियों और स्टार्ट-अप्स ने इस बात पर जोर दिया कि मल्टी-डोमेन चुनौतियों के दौर में केवल हथियारों का आधुनिकीकरण पर्याप्त नहीं, बल्कि सोच, संरचना और साझेदारी में समेकित बदलाव जरूरी है।

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