International Women's Day: वो 'पहली' महिलाएं, जिन्होंने चुनौतियों की दीवार तोड़कर रचा भारत का नया इतिहास

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है और यह दिन दुनिया के उन महिलाओं के संघर्ष और सफलता को समर्पित है जिन्होंने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाई। भारत का इतिहास ऐसी महान वीरांगनाओं और विदुषियों से भरा पड़ा है, जिन्होंने पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में न केवल कदम रखा, बल्कि सफलता के झंडे गाड़कर आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता भी बनाया। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खास चेहरों को।

International Women's Day: 8 मार्च यानी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस। यह दिन उन आधी आबादी के संघर्ष, स्वाभिमान और सफलता को सलाम करने का दिन है जिन्होंने समाज की बंदिशों को तोड़कर अपनी पहचान बनाई। भारत का इतिहास ऐसी कई महान महिलाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने उस दौर में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया जब कई क्षेत्रों में महिलाओं का प्रवेश भी वर्जित माना जाता था। आज महिला दिवस के खास मौके पर आइए जानते हैं उन 'प्रथम' भारतीय महिलाओं के बारे में, जिन्होंने इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाया।

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भारत की 'फर्स्ट लेडीज'

सियासत के शिखर तक: जब महिलाओं ने संभाली देश की कमान

इंदिरा गांधी (पहली महिला प्रधानमंत्री): 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी ने 1966 में देश की सत्ता संभाली। वे न केवल भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, बल्कि 1971 में भारत रत्न पाने वाली भी पहली भारतीय महिला रहीं। उनके साहसिक फैसलों ने वैश्विक राजनीति में भारत का कद बढ़ाया।

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