Indian Air Force: इंडियन एयरफोर्स (IAF) का कोई मुकाबला नहीं और आने वाले समय में हमारे जवानों का ना सिर्फ जज्बा बल्कि उनकी ताकत बढ़ाने हाई क्लास नए फाइटर जेट भी आने वाले हैं। दरअसल, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर टेक्नोलॉजी, स्पेक्ट्रम डोमिनेंस और स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम पर ध्यान दे रहा है, जिसमें आत्मनिर्भरता और भविष्य के युद्ध क्षेत्रों पर खास जोर दिया जा रहा है। संगठन के डायरेक्टर जनरल (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम), बी.के. दास ने मंगलवार को इस विषय पर बात की है।
DRDO ने बताया Tejas Mk2 और AMCA का प्लान
बेंगलुरु में एसोसिएशन ऑफ ओल्ड क्रोज (AOC) के इंडिया चैप्टर द्वारा आयोजित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर कॉन्फ्रेंस-इंडिया (EWCI) के मौके पर न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए दास ने कहा कि भारत को देश में बने प्लेटफॉर्म, हथियारों और सेंसर से आसमान पर हावी होना चाहिए।
Tejas Mk2 कब होगा तैयार?
उन्होंने कहा, 'भारत को आसमान पर राज करना है। लड़ाकू विमान हमारे अपने होने चाहिए, जो स्वदेशी टेक्नोलॉजी से बने हों और स्वदेशी हथियारों से लैस हों।' उन्होंने यह भी बताया कि लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk-1 और Mk-1A तैयार हैं और मौजूदा दौर को लेकर कहा कि यह सिर्फ अभी शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि Mk-2 वेरिएंट और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम चल रहा है और आधुनिक हवाई युद्ध में स्टील्थ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'अगर आप आसमान पर हावी होना चाहते हैं, तो स्टील्थ (विमान) ही आगे बढ़ने का रास्ता है।' उन्होंने आगे कहा कि AMCA प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है और इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और DRDO मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं।
DRDO ने क्या कहा स्वदेशी फाइटर जेट्स पर
टाइमलाइन बताते हुए दास ने कहा कि LCA Mk-1 तैयार है, Mk-1A की डिलीवरी शेड्यूल के हिसाब से होगी, Mk-2 तीन से चार साल में बनकर तैयार हो जाएगा और उसके बाद AMCA आएगा, जिससे भारत पूरी तरह से स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट तैयार कर पाएगा। उन्होंने स्वदेशी सेंसर और हथियार प्रणालियों में हुई प्रगति पर भी जोर दिया और कहा कि उत्तम एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार ने अपनी क्षमताएं साबित कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि रडार, जैमर, हथियार सिस्टम और मिसाइलों के साथ फाइटर प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट होने के लिए तैयार है।
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, 'हम अपना रडार डेवलप कर रहे हैं। उत्तम AESA रडार दुनिया के सबसे अच्छे रडार में से एक साबित हुआ है, और कई मामलों में दुनिया के सबसे अच्छे रडार से भी बेहतर है।'
AMCA क्या है और क्यों है खास?
AMCA सिर्फ एक जेट से कहीं ज्यादा है। यह स्टील्थ-हैवी, पांचवीं पीढ़ी की लड़ाई के लिए भारत का जवाब है। इस ट्विन-इंजन, 25-टन के एयरक्राफ्ट में अत्याधुनिक स्टील्थ, AI-असिस्टेड इलेक्ट्रॉनिक पायलटिंग और लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और सटीक गाइडेड बमों के लिए डिज़ाइन किए गए अंदरूनी हथियारों के बे होंगे।
इसमें नेटसेंट्रिक वॉरफेयर सिस्टम, एडवांस्ड एवियोनिक्स, और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के लिए इंटीग्रेटेड व्हीकल हेल्थ मैनेजमेंट भी है। ये फीचर्स रियल-टाइम लड़ाई के हालात में मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) के साथ बिना किसी रुकावट के तालमेल बिठाने में मदद करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयरक्राफ्ट के अंदरूनी फ्यूल टैंक में 6.5 टन तक फ्यूल आ सकता है, जिससे इसकी ऑपरेशनल रेंज बढ़ जाएगी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अंदरूनी हथियारों का बे 1,500 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकेगा।
