रूस-यूक्रेन युद्ध बना इंडियन एयरफोर्स के लिए सिरदर्द! पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स दी देनी होगी कुर्बानी या यह भारत की समझदारी?

Indian Air Force: IAF के लिए Su-57E को भारत की घटती फाइटर स्क्वाड्रन ताकत को तब तक बढ़ाने के लिए एक संभावित कामचलाऊ सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है, जब तक AMCA और तेजस Mk2 जैसे देसी प्रोग्राम मैच्योर नहीं हो जाते।

India try to avoid western sanctions: Su-57E पांचवीं जेनरेशन के फाइटर जेट की खरीद के लिए भारत और रूस के बीच कोई भी संभावित डील रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने तक होल्ड पर रहने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई दिल्ली अमेरिका और यूरोप से बैन के खतरे से बचना चाहती है। ऐसा दावा कई मीडिया रिपोर्ट्स में किया जा रहा है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध बना इंडियन एयरफोर्स के लिए सिरदर्द

ऐसा ही दावा idrw की एक रिपोर्ट में किया गया। जहां बताया गया कि रूस के साथ टेक्निकल और एक्सप्लोरेटरी लेवल पर बातचीत जारी है, लेकिन भारत मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में किसी भी बाइंडिंग एग्रीमेंट पर साइन करने की जल्दी में नहीं है। पश्चिमी देशों के बैन की संभावना एक बड़ी चिंता बनी हुई है, खासकर पहले की डिफेंस खरीद पर CAATSA से जुड़े दबाव के अनुभव के बाद।

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