इंडिया या भारत: 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका, केंद्र सरकार ने किया था समर्थन

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 6, 2023, 10:59 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार देश को इंडिया या भारत कहने के लिए स्वतंत्र हैं।

India Or Bharat: पिछले कुछ दिनों देश में इंडिया बनाम भारत विवाद छिड़ा हुआ है। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन में 'भारत के राष्ट्रपति' और 'भारत के प्रधानमंत्री' शब्द का इस्तेमाल करने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'भारत के राष्ट्रपति' बताने वाले वाली जी20 रात्रिभोज निमंत्रण के बाद हुई है। अब कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल इसे लेकर मोदी सरकार पर हमलावर हैं।

सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है मामला

कुछ वर्षों पहले ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। तब सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था जानते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार देश को इंडिया या भारत कहने के लिए स्वतंत्र हैं। इस याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि देश को 'भारत' कहा जाए। शीर्ष अदालत द्वारा जनहित याचिका को खारिज करना राष्ट्रव्यापी बहस के बीच बेहद अहम माना जा सकता है।

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