Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि दुनिया के लिए भारत आज आशा का किरण है। यूरोप के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि देश के लिए अब बहुत बड़ा बाजार खुल गया है। इससे देश के लिए अनेक अवसर सामने आएंगे। 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' हमारी सरकार की पहचान है और तकनीक के साथ आगे बढ़ेंगे। दुनिया की चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए पीएम ने कहा कि यह समय समस्या का नहीं बल्कि समाधान का है।
एक फरवरी को पेश होगा बजट 2026।
संसद में आज पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण
बता दें कि संसद सत्र में आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। इसे पेश करने से पहले पीएम मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा, 'निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगी। ये सत्र बहुत ही महत्वपूर्ण है। भारत आज दुनिया के आकर्षण का केंद्र है। यूरोपियन यूनियन के साथ 'मदर ऑफ ऑल डील्स' हुई है। अब बहुत बड़ा बाजार खुल गया है, सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा।'
एक बड़ा अवसर है EU से व्यापार समझौता
पीएम ने कहा कि ये अवसर है और इसका पहला मंत्र है कि हम गुणवत्ता पर ध्यान दें। अगर उत्तम गुणवत्ता लेकर जाते हैं तो हम यूरोपियन देशों के 27 देशों का दिल जीत लेंगे। 27 देशों के साथ हुआ ये समझौता हमारे देश के मछुआरों, किसानों, युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है।
'यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण'
पीएम ने कहा कि 'कई मार्गदर्शक बातें भी कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी है। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की है। उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की है मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। यह दूसरे चौथाई का प्रारंभ हो रहा है। और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ये महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है। और ये दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी की दूसरे क्वार्टर का ये पहला बजट आ रहा है। और वित्त मंत्री निर्मला जी देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं।'
हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें-PM
पीएम ने कहा, 'हमारी भूमिका हमारी योजनाएं मानव केंद्रित हैं। तकनीक की जुगलबंदी के साथ हम आगे बढ़ेंगे। जो हमारे टीकाकार रहते हैं साथी हमारे प्रति पसंद-नापसंद का रवैया रहता है, यह लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है। हमारा प्रयास योजना फाइलों तक नहीं लाइफ तक पहुंचाने का रहता है और यही हमारी जो परंपरा है उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाएंगे। भारत का लोकतंत्र और भारत की आबादी आज के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है। तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें। हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रिया के द्वारा हुए निर्णयों का सम्मान करने का यह अवसर है।'
