Weather in India IMD Latest Updates: बेमौसम बारिश और बाढ़ की मार से देश के कई हिस्से अक्टूबर में हलकान नजर आए। दिल्ली में सिलसिलेवार बारिश से न सिर्फ जगह-जगह जलजमाव हुआ, बल्कि जन जीवन भी खासा प्रभावित हुआ। वहीं, उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं के चलते छह लोगों की जान चली गई। साथ ही 1300 गांवों पर बाढ़ का असर पड़ा। वहीं, असम के हिस्सों में बारिश से 33,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। इस बीच, किसानों की फसलों को भी खासा नुकसान हुए, जबकि सिक्किम में मौसम विभाग ने रेड वॉर्निंग व उत्तर बंगाल के कलिमपॉन्ग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग के लिए बुधवार तक ऑरंज वॉर्निंग जारी की।
दिल्ली, गुवाहाटी (असम) और मेरठ (यूपी) में बारिश ने जनजीवन कुछ इस कदर प्रभावित किया।
दिल्ली में हल्की बारिश-बूंदाबांदी के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार (11 अक्टूबर, 2022) को पारा चढ़ने के साथ अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, पर मौसम विभाग ने बुधवार (12 अक्टूबर, 2022) को आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान लगाया है। बुधवार को अधिकतम तामपान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिल्ली में मंगलवार को शाम साढ़े पांच बजे सापेक्षिक आद्रता 86 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक अंक अधिक है।
Bareilly, UP | Crops destroyed, fields submerged after heavy rain lashes the district for several continuous days… t.co/fd3iymoxKI
— ANI (@ANI) Oct 12, 2022
1956 के बाद अक्टूबर में सर्वाधिक बारिश का रेकॉर्ड
दिल्ली में अक्टूबर में फिलहाल (खबर लिखे जाने तक) 128.2 मिलीमीटर बारिश हुई। यह साल 1956 के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर महीने में सबसे अधिक वर्षा का रिकॉर्ड है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी देने के साथ बताया कि दिल्ली में अक्टूबर 1956 में 236.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी, जबकि राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर महीने में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 1954 के नाम है तब 238.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। पिछले साल अक्टूबर में राष्ट्रीय राजधानी में 122.5 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। वहीं, दिल्ली में अक्टूबर 2020, 2018 और 2017 में बारिश नहीं हुई थी जबकि 2019 के अक्टूबर में 47.3 मिमी बारिश यहां दर्ज की गई थी।
#WATCH | Road washed away due to heavy rainfall in the Koppal district of Karnataka (11.10) t.co/0j3pOnWjg3
— ANI (@ANI) Oct 12, 2022
बारिश से जर्जर शौचालय की गिरी दीवार, दबकर एक मौत
यूपी के बदायूं के बिल्सी कोतवाली इलाके में अत्यधिक बारिश के कारण जर्जर शौचालय की दीवार गिरने से एक युवक की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सिद्धार्थ वर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव नगला तारु का निवासी वीरेंद्र (22) सोमवार शाम शौच के लिए घर से निकला था। वह दरवाजे से चंद कदम दूर स्थित शौचालय तक ही पहुंचा था कि इसी दौरान भारी बारिश के चलते शौचालय की दीवार अचानक ढह गई और वीरेंद्र मलबे में दब गया। दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिजन समेत आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
Chennai, Tamil Nadu | Police, fire department conduct mock drill and awareness camp on rescuing people during floods t.co/qMjubTw3Qs
— ANI (@ANI) Oct 11, 2022
राजस्थानः बारिश से फसलों को नुकसान, पायलट ने जताई चिंता
इस बीच, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने हाडौती संभाग में पिछले दिनों भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को फसलों के नुकसान के आकलन के लिये समय पर गिरदावरी करवाने और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। मंगलवार को उन्होंने टोंक विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर बारिश से खराब हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को खराब हुई फसल की गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कराकर उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन भी दिया।
आज जयपुर, टोंक, बूंदी, कोटा और झालावाड़-बारां के नैनवा, लाखेरी, कपैरेन, सुल्तानपुर, अंता, बारां, अकलेरा, सारोला,… t.co/kbT1WT8ZGz
— ANI (@ANI) Oct 11, 2022
असम के हिस्सों में बारिश, 33,000 से अधिक लोग प्रभावित
उधर, असम और उससे सटे अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण कईं इलाकों में पानी भर गया है। इससे 33 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (गुवाहाटी) ने अगले दो दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने अपने बुलेटिन में बताया कि धेमाजी, लखीमपुर और डिब्रूगढ़ जिले सोमवार से राज्य में हो रही बारिश के कारण प्रभावित हैं। इन तीन जिलों के आठ राजस्व अंचलों के 46 गांवों में कुल 33,836 लोग इस समय आपदा से प्रभावित हैं। हालांकि अभी तक कोई राहत शिविर नहीं खोला गया है, लेकिन धेमाजी जिले में छह राहत वितरण केंद्र काम कर रहे हैं। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)
