प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स द्वारा दिए गए प्रतिष्ठित 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' विशिष्ट राष्ट्रपति सम्मान पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की टिप्पणी के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकारी सूत्रों ने आसिफ के बयान को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि यह उनकी अज्ञानता और पाकिस्तान के मौजूदा नेतृत्व की मानसिकता को दर्शाता है।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह सबको पता है कि ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से अस्थिर हैं। उन्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपा जाना ही आज के पाकिस्तान के बारे में बहुत कुछ बताता है। उनके पास कोई गंभीर काम नहीं है, इसलिए वे उन विषयों पर भी बचकानी टिप्पणियां करते हैं जिनकी उन्हें जानकारी नहीं है। ईर्ष्या और नफरत से प्रेरित ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
भारत की यह प्रतिक्रिया तब आई जब ख्वाजा आसिफ ने प्रधानमंत्री मोदी को हाल ही में सेशेल्स की यात्रा के दौरान दिए गए 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' प्रेसिडेंशियल डिस्टिंक्शन की वैधता पर सवाल उठाए थे।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मान को पाने वाले पहले व्यक्ति बने हैं। सेशेल्स ने अपने राष्ट्रीय सम्मान प्रणाली में बदलाव के बाद इस नए सर्वोच्च सम्मान की शुरुआत की है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के हितों के समर्थन में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
अपनी सेशेल्स यात्रा के दौरान यह सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत और सेशेल्स की मित्रता का प्रतीक बताया था। साथ ही उन सभी देशों को समर्पित किया था जो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से मिलकर मुकाबला कर रहे हैं।
गौरतलब है कि ख्वाजा आसिफ पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर आलोचना झेल चुके हैं। नवंबर 2025 में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के सीमा एवं जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने भी उन्हें "मानसिक रूप से बीमार" बताया था। उस समय नूरी ने पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि पाकिस्तान का इतिहास भारत और बांग्लादेश के साथ कैसा रहा है, जबकि अफगानिस्तान ने रूस, अमेरिका और ब्रिटेन जैसी शक्तियों का सामना किया है।
