भारत ने हाल ही में मानवीय आधार पर पाकिस्तान को तवी नदी में संभावित बाढ़ के खतरे के बारे में सचेत किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए 1960 की सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित कर दिया है।
पाकिस्तान में बाढ़ का कहर (फाइल फोटो- AP)
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भारतीय उच्चायोग ने पाक विदेश मंत्रालय को दी रिपोर्ट
जल शक्ति मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने यह सूचना अपने विदेश मंत्रालय के माध्यम से पाकिस्तान को भेजी, जिसने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के जरिए पाकिस्तान की सरकार से संपर्क किया। एक सूत्र ने बताया कि इस तरह का डेटा आदान-प्रदान संधि के निलंबन से पहले नियमित रूप से होता था, लेकिन अब यह पूरी तरह से मानवीय आधार पर किया गया है। तवी नदी, जो हिमालय से निकलती है और जम्मू संभाग से होकर पाकिस्तान की चेनाब नदी में मिलती है, इस सूचना का केंद्र बिंदु बनी है।
पाकिस्तान को तवी नदी को लेकर अलर्ट
इससे पहले, इस्लामाबाद से मिली खबरों के मुताबिक, समाचारपत्र ‘द न्यूज’ ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया था कि भारत ने पाकिस्तान को तवी नदी में संभावित भीषण बाढ़ के बारे में आगाह किया है। भारतीय उच्चायोग ने रविवार को इस चेतावनी को जारी किया, जो मई में दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के बाद पहली बार इस तरह का बड़ा संपर्क माना जा रहा है।
