Supreme Court ने आवारा कुत्तों की समस्या पर लगाम लगाने को लेकर आज यानी मंगलवार 19 मई को अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारों Animal Welfare Board of India (AWBI) के ढांचे और नियमों को मजबूत व प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। हाल के वर्षों में कुत्तों के काटने की लाखों घटनाएं देशभर में सामने आई हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को एंटी-रेबीज दवाओं और टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन शहरों या इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या ज्यादा बड़ी है, वहां एक्सपर्ट की मदद से उस पर काबू पाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि संक्रमित कुत्ते, जिनका इलाज संभव नहीं है और वह समाज के लिए खतरा हैं, उन्हें यूथेनेशिया (मार दिया) जाए।
देश में आवारा कुत्तों का आतंक बदस्तूर जारी है
हाल के वर्षों में कुत्तों के काटने की कितनी अधिक घटनाएं हुई हैं, उसको लेकर PIB ने बकायदा आंकड़े जारी किए हैं। यहां हम आपके लिए साल 2022 से 2025 तक के आंकड़े लेकर आए हैं। इन आंकड़ों देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि देश में आवारा कुत्तों का आतंक किस कदर व्याप्त है।
इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 यानी पिछले साल सिर्फ जनवरी महीने में ही देशभर में 4,29,664 लोगों को कुत्तों ने काटा। जबकि सालभर का आंकड़ा 48 लाख से ज्यादा का है। हालांकि, पूरे साल का आंकड़ा PIB की तरफ से जारी नहीं हुआ लेकिन, सेज जरनल में 48.47 लाख डॉग बाइट के मामलों का जिक्र है।
साल 2024 में कितने लोगों को कुत्तों ने काटा?
IDSP के आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में भारत में Dog Bite के कुल 37 लाख, 15 हजार, 713 मामले सामने आए, जो 2022 और 2023 की तुलना में काफी ज्यादा थे। यह आंकड़े बताते हैं कि देश में कुत्तों के काटने के मामले अब गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनते जा रहे हैं।
2022-2023 में कितने मामले सामने आए?
साल 2022 में देशभर में कुल 21 लाख, 89 हजार, 909 मामले दर्ज हुए थे। यह संख्या 2023 में बढ़कर 30 लाख, 52 हजार, 521 पहुंच गई और 2024 में 37 लाख के पार चली गई। वहीं, जनवरी 2025 में ही 4,29,664 मामले सामने आ चुके हैं, जिससे साफ है कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कुत्तों का आतंक
राज्यों की बात की जाए तो महाराष्ट्र में साल 2024 में सबसे ज्यादा 4,85,345 डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए। इसके बाद तमिलनाडु में 4,80,427 और गुजरात में 3,92,837 मामले सामने आए। कर्नाटक में 3,61,494 केस दर्ज हुए, जबकि बिहार और आंध्र प्रदेश भी गंभीर रूप से प्रभावित राज्यों में शामिल रहे।
| राज्य और केंद्र शासित प्रदेश | साल 2022 | साल 2023 | साल 2024 | साल 2025 (जनवरी) |
| अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 345 | 528 | 455 | 52 |
| आंध्र प्रदेश | 192360 | 212146 | 245174 | 23180 |
| अरुणाचल प्रदेश | 2501 | 4409 | 6388 | 714 |
| असम | 39919 | 94945 | 166232 | 20900 |
| बिहार | 141926 | 241827 | 263930 | 34442 |
| चंडीगढ़ | 5365 | 11782 | 8644 | 754 |
| छत्तीसगढ | 21365 | 29221 | 38268 | 5159 |
| दिल्ली | 6691 | 17874 | 25210 | 3196 |
| दादरा नगर हवेली और दमन दीव | 4169 | 5921 | 7926 | 620 |
| गोवा | 8057 | 11904 | 17236 | 1789 |
| गुजरात | 169363 | 278537 | 392837 | 53942 |
| हरयाणा | 35837 | 42690 | 60417 | 7787 |
| हिमाचल प्रदेश | 15935 | 21096 | 22909 | 2135 |
| जम्मू और कश्मीर | 22110 | 34664 | 51027 | 4824 |
| झारखंड | 9539 | 31251 | 43874 | 5344 |
| कर्नाटक | 163356 | 232715 | 361494 | 39437 |
| केरल | 4000 | 71606 | 115046 | 11649 |
| लद्दाख | 2165 | 2569 | 4078 | 373 |
| लक्षद्वीप | 0 | 0 | 0 | 0 |
| मध्य प्रदेश | 66018 | 113499 | 142948 | 16710 |
| महाराष्ट्र | 393020 | 472790 | 485345 | 56538 |
| मणिपुर | 4450 | 2964 | 9257 | 798 |
| मेघालय | 5302 | 9611 | 17784 | 2466 |
| मिजोरम | 891 | 1141 | 1873 | 179 |
| नगालैंड | 452 | 600 | 714 | 85 |
| ओडिशा | 65396 | 92848 | 166792 | 24478 |
| पुदुचेरी | 11937 | 13006 | 12148 | 894 |
| पंजाब | 15519 | 18680 | 22912 | 2164 |
| राजस्थान | 88029 | 103533 | 140543 | 15062 |
| सिक्किम | 3845 | 6636 | 8601 | 840 |
| तमिलनाडु | 364435 | 441796 | 480427 | 48931 |
| तेलंगाना | 92924 | 119014 | 121997 | 10424 |
| त्रिपुरा | 3051 | 6510 | 9641 | 1266 |
| उत्तराखंड | 15649 | 25623 | 23091 | 1790 |
| उतार प्रदेश | 191361 | 229921 | 164009 | 20478 |
| पश्चिम बंगाल | 22627 | 48664 | 76486 | 10264 |
| कुल मामले | 21,89,909 | 30,52,521 | 37,15,713 | 4,29,664 |
दिल्ली में डॉग बाइट के कितने मामले सामने आए?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2022 में यहां 6,691 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 25,210 तक पहुंच गए। साल 2025 के जनवरी महीने में ही दिल्ली में 3,196 मामले रिपोर्ट किए गए।
केरल, असम, पश्चिम बंगाल में कुत्तों का कितना आतंक?
केरल, असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी कुत्तों के काटने के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। असम में साल 2022 के मुकाबले साल 2024 में डॉग बाइट के मामलों में चार गुना तक बढ़ोतरी हुई। वहीं, केरल में 2022 में सिर्फ 4 हजार मामले थे, जो 2024 में बढ़कर 1.15 लाख से अधिक हो गए।
डॉग बाइट पर क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, डॉग बाइट के बाद समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाने पर जान का खतरा भी हो सकता है। इसलिए कुत्ते से मिली छोटी सी खरोंच को भी नजरअंदाज न करें और तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने, बच्चों को आवारा कुत्तों से दूर रखने और डॉग बाइट पर तुरंत वैक्सीन लगाने की अपील करता है।
