निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों का विरोध और तेज हो गया है। आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा करने तथा आगे की रणनीति तय करने के लिए विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) के घटक दल आगामी 30 सितंबर को राजधानी में एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं।
चुनाव आयोग विवाद: 30 सितंबर को 'इंडिया' गठबंधन की बैठक (फाइल फोटो- PTI)
विपक्षी दलों में बढ़ा समन्वय
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और संयुक्त रूप से सरकार व आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि इस मुद्दे ने पश्चिम बंगाल में एक-दूसरे की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को भी एक मंच पर ला दिया है।
माकपा के वरिष्ठ नेता एम ए बेबी ने इस स्थिति पर चर्चा के लिए 'इंडिया' गठबंधन और अन्य विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर संयुक्त बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी फोन पर बात की। ममता बनर्जी ने भी माना है कि मौजूदा स्थिति में सभी विपक्षी दलों द्वारा समन्वित कार्रवाई की सख्त जरूरत है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर पर रोक की मांग
कांग्रेस, माकपा, भाकपा और भाकपा (माले)-लिबरेशन सहित कई प्रमुख दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से त्यागपत्र देकर इस पूरे मामले में सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक 29 सितंबर को
इस पूरे मुद्दे पर अपनी भावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक 29 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इसमें अगले कदमों, जन-आंदोलन और संसद के भीतर अपनाई जाने वाली रणनीति पर गहन विचार-विमर्श होगा।
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नया नोटिस देने की तैयारी
विपक्षी दल संसद के आगामी सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में प्रस्ताव लाने के वास्ते एक नया नोटिस देने की रूपरेखा बना रहे हैं। यदि विपक्ष यह कदम उठाता है, तो ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए उनकी ओर से किया जाने वाला यह तीसरा प्रयास होगा।
