किसी भी अवैधता की स्थिति में SIR को रद्द कर दिया जाएगा- चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह यह मानता है कि भारत का निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक प्राधिकार होने के नाते बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कानून का पालन कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत का निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक प्राधिकरण के रूप में बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान कानून का पूरी तरह से पालन कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया की वैधता को मान्यता देते हुए कहा कि यदि किसी भी तरह की अवैधता पाई जाती है, तो वह उस प्रक्रिया को रद्द करने में संकोच नहीं करेगा।

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