IIT Bombay Sahil Wakode Death Protest: IIT बॉम्बे के प्रोफेसर और एग्जाम इनविजिलेटर सूर्यनारायण डूल्ला को सोमवार को डीन पद से हटाया गया है। वे IIT बॉम्बे में डीन (प्रशासनिक मामले) थे। यह कार्रवाई कैंपस में BTech के दूसरे साल के एक छात्र की मौत को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद की गई है। अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है।
डीन सूर्यनारायण डूल्ला सस्पेंड किए गए, छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद IIT बॉम्बे में भारी बवाल...डायरेक्टर ने किए 18 मांगों पर साइन
छात्र के माता-पिता ने कैंपस अधिकारियों पर उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का आरोप लगाया था, जिसके बाद दर्ज FIR में डूल्ला को आरोपी बनाया गया था।
क्या डायरेक्टर का भी होगा इस्तीफा, वीडियो वायरल
इससे पहले छात्र साहिल वाकोडे की मौत की घटना के बाद संस्थान में तनाव और विरोध प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया। इंसाफ की मांग कर रहे आक्रोशित छात्रों ने प्रशासन पर भारी दबाव बनाते हुए रविवार देर रात तीन घंटे लंबी चली मैराथन बैठक के बाद 18-पॉइंट डिमांड चार्टर (18-Point Charter of Demands) पर संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदार से दस्तखत करवाए। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें छात्रों के भारी विरोध के बीच डायरेक्टर ने 21 सितंबर 2026 (आज) अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है।
स्वतंत्र जांच और टाइमलाइन की मांग पर अड़े छात्र
रविवार रात हुई बैठक में छात्रों ने साहिल वाकोडे की मौत के पीछे के कारणों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग उठाई:
समय-सीमा तय की गई: छात्रों द्वारा सौंपे गए डिमांड चार्टर में 30 सितंबर तक अंतरिम जांच रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है, ताकि मामले को अनिश्चित काल के लिए न अटकाया जाए।
पारदर्शिता का आश्वासन: हालांकि डायरेक्टर ने चार्टर पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक इन मांगों को लागू करने को लेकर कोई औपचारिक विस्तृत रोडमैप या लिखित बयान जारी नहीं किया गया है।
आज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अहम बैठक, 'ओपन हाउस' का भी प्रस्ताव
कैंपस में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए आज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है:
बैठक का एजेंडा: इस बैठक में साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े घटनाक्रम, छात्रों के 18-पॉइंट चार्टर, संस्थान प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
ओपन हाउस में सीधे संवाद की तैयारी: छात्रों की चिंताओं को सीधे सुनने और प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी देने के लिए छात्रों के साथ एक 'ओपन हाउस' (Open House) आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। बोर्ड की बैठक के बाद छात्र अपने आंदोलन का अगला कदम तय करेंगे।
क्या है मामला?
शुक्रवार शाम आईआईटी मुंबई के पवई परिसर स्थित छात्रावास संख्या चार में साहिल रवींद्र वाकोडे मृत पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले मध्य-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके पास कथित तौर पर मोबाइल फोन पाए जाने और चैटजीपीटी के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के निवासी वाकोडे ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे।
आईआईटी मुंबई के एक बयान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के दौरान उत्तर के लिए प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। वाकोडे के अभिभावकों ने दावा किया कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
वाकोडे के अभिभावक की शिकायत पर पवई पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। आगे की जांच के लिए मामला अपराध शाखा को सौंप दिया गया था।
